‘तीन तलाक’ के मुद्दे को चुनावी मुद्दा बनाने को लेकर आल इंडिया मुस्लिम वीमेन पर्सनल लॉ बोर्ड ने केंद्र की मोदी सरकार की आलोचना की हैं.

मुस्लिम वीमेन पर्सनल लॉ बोर्ड की और से कहा गया कि बीजेपी विधानसभा चुनाव से पहले तीन तलाक़ का मामला उठाकर वोट बैंक की राजनीति कर रही है. यह मुद्दा मात्र कुछ मुस्लिम महिलाओं को लुभाने के लिए ही उठाया जा रहा है. बोर्ड की अध्यक्ष शाइस्ता अम्बर ने सभी राजनीतिक पार्टियों से अपील करते हुए कहा हैं कि वे अपने चुनावी घोषणापत्र में तीन तलाक़ के मुद्दें को शामिल न करे.

शाइस्ता ने कहा, ‘यह सच है कि वास्तव में मुस्लिम महिलाएं तीन तलाक़ के मसले पर चिंतित हैं, ऐसे में वे राजनीतिक दलों के नेताओं से गुजारिश करती हैं कि वे तीन तलाक़ के मामले को चुनावों के दौरान नहीं उठायें. जो भी पार्टी वोटों के लिए इस मामले को चुनावों में उठाएगी हम उसको वोट नहीं देंगे. वे इस मामले को वोट बैंक से नहीं जोडे.

इसी के साथ उन्होंने ‘तीन तलाक’ का समर्थन करते हुए कहा कि किसी महिला को मारने से बेहतर हैं कि उसको तलाक़ दे दिया जाए.


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