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ट्रिपल तलाक बिल पर आज भी राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ. जिसके चलते बिल आज भी पास नहीं हो सका. विपक्ष बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग पर अड़ा रहा तो सरकार भी विपक्ष की इस मांग पार झुकती नजर नहीं आई.सरकार ने इस बिल को संसदीय समिति में भेजने से इनकार कर दिया. जिसके चलते सभापति ने आज की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया.

टीएमसी सांसद डिरेक ओब्रायन ने कहा, यह साफ है कि विपक्ष महिलाओं का हित चाहती है जबकि सरकार ऐसा नहीं चाहती है. इस पर स्मृति ईरानी ने कहा कि यदि विपक्ष महिलाओं का हित चाहती है तो उसे बहस करनी चाहिए.  वहीँ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि ट्रिपल तलाक बिल के कुछ प्रावधानों पर हमे आपत्ति है. बिल को सेलेक्ट कमेटी को भेजा जाए. अगर पति जेल जाएगा तो खर्च कौन उठाएगा.

विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार ने बिल बनाते समय सभी पक्षों से बात नहीं की. ऐसे में बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाए. ताकि इसकी कमियों को दूर किया जा सके. साथ ही विपक्ष का कहना है कि कानून को सुनिश्चित करना चाहिए की महिला व बच्चों को गुजारा भत्ता व भरण पोषण रुके नहीं.

तीन तलाक के बिल को पास कराने के लिए सरकार के पास सिर्फ दो दिन का समय है. ऐसे में सरकार का इस बिल को लेकर क्या रुख रहेगा, यह सबसे महत्वपूर्ण है. अगर बिल पास नहीं हुआ तो यह अगले सत्र तक लटका रह जाएगा. जानकारों का मानना है कि अब यह बिल संसद के अगले सत्र में ही पारित हो पाएगा, क्योंकि अब समिति का गठन किया जाना होगा और फिर वह समिति विधेयक की समीक्षा कर बिल में बदलावों को लेकर सुझाव देगी.

ध्यान रहे इस बिल पर मोदी सरकार को अपने सहयोगियों का भी साथ नहीं मिल रहा है. इस बिल को लेकर दो सहयोगी दल – शिवसेना तथा तेलुगूदेशम पार्टी – भी उनका साथ नही दे रहे हैं. इनके अलावा एआईएडीएमके तथा बीजू जनता दल जैसे मित्र दल भी इस मुद्दे पर सरकार को समर्थन नहीं दे रहे हैं, और चाहते हैं कि विधेयक को सेलेक्ट कमेटी के पास भेज दिया जाए.

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