तीन तलाक को चुनावी घोषणापत्र में शामिल कर बीजेपी ने अपनी मंशा जाहिर कर दी हैं कि वह इस मुद्दें के दम पर आगामी विधानसभा चुनावों में अपनी नैया पार लगाना चाहती हैं.

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बीजेपी का घोषणापत्र जारी करते हुए कहा था कि अगर यूपी में उनकी पार्टी सत्ता में आई, तो वह तीन तलाक मुद्दे पर प्रदेश की मुस्लिम महिलाओं से राय लेगी और उसके अनुसार सर्वोच्च न्यायालय जाएगी. हालाँकि यह मुद्दा सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है.

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ऑल इंडिया मुस्‍लिम वीमेंस पर्सनल लॉ बोर्ड की अध्‍यक्ष शाइस्‍ता अंबर ने कहा कि तीन तलाक के मामले पर केंद्र सरकार मुसलमानों और देश को गुमराह कर रही है. उन्होंने कहा कि  बीजेपी अपनी सियासत को बंद करे. उसे इस चुनाव में वोट नहीं मिलने वाला है. वो देश की महिलाओं के लिए आरक्षण करे. हर सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करे.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

वहीँ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य खालिद रशीद फिरंगी ने कहा कि ट्रिपल तलाक का मुद्दा एक पर्सनल लॉ बोर्ड का हिस्सा है, जिसमें सियासी पार्टियों को दखल देने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि तीन तलाक शरियत में कोई मुसीबत नहीं है.

उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई मुस्लिम पति-पत्नी एक साथ नहीं रहना चाहते है और उन्होंने इस्लामिक शरियत के तहत निकाह किया है, तो इस्लामिक शरियत के तहत की उनका तलाक होगा. उन्होंने कहा कि सेंस्स रिपोर्ट 2011 के मुताबिक इस्लाम में तलाक के मामले सिर्फ 0.5 प्रतिशत ही होते हैं. वहीं नाॅन मुस्लिमों में 3.7 प्रतिशत तलाक के मामले सामने आए हैं.

फिरंगी ने सीधे तौर पर बीजेपी को ये नसीहत देते हुए कहा कि महिलाओं के साथ उत्पीड़न के बहुत से मामले सामने आ रहे हैं, बीजेपी के नेता उनकी तरफ ज्यादा ध्यान दें, मुस्लिम महिलाओं के मामले के लिए इस्लामिक शरियत में बहुत से कानून बने हुए हैं.

खालिद रशीद फिरंगी ने बताया कि चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि सियासी पार्टी धर्म के नाम पर वोट के लिए प्रचार न करे, लेकिन बीजेपी ने जिस तरह अपने घोषणापत्र में ट्रिपल तलाक के मामले का जिक्र किया है, उससे से साफ साबित होता है कि कानून से बढ़कर ये सियासी पार्टी काम कर रही है. उन्होंने कहा कि ये हमारे मजहब का अदंरुनी हिस्सा है हम किसी भी पार्टी को दखल देने की अनुमति नहीं दे सकते.

Loading...