Thursday, August 5, 2021

 

 

 

वहाबियत के खिलाफ आवाज उठेगी तो केवल भारत से ही: आरएसएस विचारक

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की और से कहा गया कि दुनिया भर में इस्लाम के नाम पर फैले आतंक के खिलाफ केवल भारत के मुसलमान एक बड़ी आवाज बनकर उभर सकते हैं.

आरएसएस की दिल्‍ली यूनिट के प्रमुख आलोक कुमार ने कहा कि वहाबी विचार से टकराने के लिए अगर कोई आवाज बुलंद होती हैं तो वह भारत से ही होगी. उन्होंने कहा कि भारत में हिंदू और मुसलमानों के साथ रहने के कारण ही अल्‍पसंख्‍यक समुदाय रूढि़वाद की ओर नहीं गया. भारत के मुस्लिमों में आतंकी हमलों, वहाबियों के बढ़ते प्रभाव और सूफी समुदाय को निशाना बनाने को लेकर बैचेनी है.

उन्होंने पाकिस्तान के सिन्ध प्रांत के सहवान में लाल शाहबाज कलंदर की दरगाह पर हमले का जिक्र करते हुए कहा कि  ”हमले के बाद हम संवेदना जताने के लिए कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी की मजार पर गए थे. वहां पर लोगों से हमारी बातचीत के दौरान हमें पता चला कि हमलों को लेकर मुसलमानों में काफी नाराजगी है.”

उन्होंने कहा, ‘हम वहां इस तरह के मसलों पर अहमदिया, कादियानी और शिया मुसलमानों की जो चिंताएं हैं, उन्हें समझने भी गए थे.’ कुमार ने कहा  हमें पूरा विश्वास है कि जब भी कभी दुनिया में मुसलमानों की तरफ से आतंकवाद विरोधी आवाजें उठेंगी तो वह भारत के मुसलमानों की तरफ से ही उठेंगी. ऐसा इसलिए होगा क्योंकि भारत में जो हिंदू-मुस्लिम संवाद हुए हैं, उससे इस्लाम का भी बड़ा वर्ग प्रभावित हुआ है.

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