बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी के लगाए गए आरोप को पूर्व चुनाव आयुक्त डा0 एस वाई कुरैशी ने खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी करने की कोई गुंजाईश नहीं होती हैं. इसी के साथ उन्होंने दावा किया कि ईवीएम मशीनों के जरिए पिछले 20 सालों से देश में निष्पक्ष चुनाव हो रहे हैं.

उन्होंने कहा कि यदि ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी की आशंका होती तो सत्तारूढ़ दल हमेशा चुनाव् जीतकर सत्ता में बने रहते. ईवीएम मशीने सरकार के अधीन होती  है और इस पर काम करने वाले भी सरकारी कर्मचारी ही होते है. मतदान से पूर्व पोलिंग एजेंट के सामने इसकी पूरी टेस्टिंग की जाती है और मतदान के बाद पोलिंग एजेंट के सामने ही इसे सील बंद किया जाता है.

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उन्होंने आगे कहा, मतगणना शुरू होने से पूर्व इसे पोलिंग एजेंट्स को दिखाया भी जाता है. अतः ऐसी स्थिति में मशीनों में गड़बड़ी की कही और कोई गुंजाइश हो ही नहीं सकती. ईवीएम मशीनों के प्रयोग से पूर्व कई स्तरों पर इसकी जाँच कर यह सुनिश्चित किया जाता है कि यह तकनीकि दृष्टि से सही हैं.

डा0 कुरैशी ने यह भी कहा कि जो पार्टिया हार जाती है वे इसी प्रकार के आरोप लगाती है. उत्तराखंड में भी इस प्रकार के आरोप, राजित पार्टी के प्रवक्ताओं द्वारा लगाए जा रहे है. पहले बैलेट पेपर पर बेईमानी के आरोप लगते थे जिनमें सत्यता पाये जाने पर ईवीएम मशीनों को प्रचलन में लाया गया जिससे विगत 20 वर्षों से निष्पक्ष चुनाव संपन्न हो रहे है.

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