जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुलाह द्वारा शेयर किये विडियो जिसमें सेना की जीप के बोनट पर बांधकर ले जाया जा रहा युवक अब सामने आ गया हैं.

विडियो में दिख रहे युवक की पहचान फारूक अहमद डार के रूप में हुई हैं, जो पेशे से बुनकर हैं. ‘इंडियन एक्सप्रेस’ से बात करते हुए फारूक ने बताया कि उसने अपने जीवन में कभी पत्थरबाजी नहीं की. वो पत्थर चलाने वालों में से नहीं है. बल्कि वो तो कश्मीर में कुछ छोटे-मोटे काम करता हैं.

उसने बताया कि उस दिन वह बीरवाह के गमपोरा स्थित बहन के ससुराल में किसी की मौत हो गई थी. वो वहीँ से लौट रहा था तभी सेना ने उसे रोक लिया. फयाज के मुताबिक उसे सेना का जवानों ने पहले तो पीटा फिर उसकी मोटरसाइकल तोड़फोड़ कर उसे जीप के बोनट से बाँध दिया.

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फारुक ने आगे कहा कि ‘मेरे सीने पर एक पोस्टर बांध दिया गया जिसपर लिखा था कि मैं पत्थरबाज हूं. मुझे  नौ गांवों से होता हुआ स्थानीय सीआरपीएफ कैंप में ले जाया गया. जहां मुझे जीप से खोला गया और कैंप में बिठाया गया. उन्होंने बताया कि इस दौरान सीआरपीएफ जवान गाड़ी से आवाज लगा रहे थे-आओ और अपने ही आदमी पर पत्थर चलाओ.

शिकायत को लेकर फारुक ने कहा कि  ‘गरीब आदमी हूं. कहां शिकायत करूंगा. मैं कुछ नहीं करना चाहता. मैं डरा हुआ हूं. मेरे साथ कुछ भी हो सकता है.’ वहीँ उनकी मां ने कहा कि मेरे लिए यही सबकुछ है. अगर इसे कुछ हो गया तो मैं कहीं की नहीं रह जाउंगी.

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