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बुलंदशहर गैंगरेप मामले पर उत्तरप्रदेश के समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान का माफीनामा नामंजूर कर दिया हैं. कोर्ट ने इस माफ़ी को खारिज करते हुए कहा कि यह बिना शर्त नहीं है. कोर्ट ने 15 दिसंबर तक फिर से नया माफीनामा दाखिल करने का आदेश दिया है.

अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी और फली नरीमन ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि आजम खान द्वारा जो जो स्पष्टीकरण दिया है वह बिना शर्त नहीं है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने आजम खान को दोबारा से हलफनामा दायर कर बिना शर्त माफी मांगने को कहा हैं.

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कोर्ट ने हलफनामे में एक पैराग्राफ पर सवाल उठाया और कहा कि इफ यानी यदि मेरे बयान से दुख पहुंचा है… कोर्ट ने कहा कि अगर कोई हलफनामा इफ से शुरू होता है तो ये बिना शर्त माफी नहीं है.

वहीँ आजम खान के वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा कि आजम खान अपने ताजा हलफनामे में ‘क्षमा’ की जगह ‘पछतावा’ लिखेंगे. इस पर कोर्ट ने कहा कि आजम खान पहले हलफनामा दायर करें उसके बाद उस पर विचार किया जाएगा.

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