Monday, September 20, 2021

 

 

 

एएमयू के पूर्व कुलपति की किताब ‘द सरकारी मुसलमान’ बनी ‘बेस्ट सेलर बुक’

- Advertisement -
- Advertisement -

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति जमीर उद्दीन शाह की लिखी आटोबायोग्राफी ‘द सरकारी मुसलमान’ बेस्ट सेलर बुक बन गई है। चार से पांच हजार प्रतियां बिक चुकी हैं। दोबारा से प्रकाशन कराया जा रहा है।

इस किताब का बीते साल 13 अक्टूबर को पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने दिल्ली में विमोचन किया था। पुस्तक में शाह ने गुजरात दंगों का जिक्र किया है। लिखा है कि 27 फरवरी 2002 को गोधरा रेलवे स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस में 59 कारसेवकों को आग के हवाले करने के बाद दंगा भड़क गया था। सेना को मदद के लिए बुलाया गया। सेना की टुकड़ी का लेफ्टिनेंट जनरल जमीरउद्दीन शाह नेतृत्व कर रहे थे। 28 फरवरी को सेना अहमदाबाद हवाई अड्डे पर पहुंच गई।

शाह ने लिखा है कि यहां से हमें लोकल पुलिस, प्रशासनिक अफसर व गाडिय़ों की जरूरत थी। 24 घंटे बाद ये मदद मिली। उन्होने लिखा, यदि उन्हें राज्य सरकार की तरफ से तत्काल वाहन व अन्य सुविधाएं मिल जाती तो करीब 300 लोगों की जान बच सकती थी।

उन्होने बताया कि वे एक मार्च की सुबह 2 बजे तत्कालिन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के घर पहुंचे और पाया कि वहां रक्षा मंत्री जार्ज फार्नांडिज भी मौजूद थे। दोनों ने एक साथ देर रात खाना खाया था और उन्हें भी आमंत्रित किया था। वे कहते हैं, “मैंने भी डिनर किया लेकिन तुरंत ही नीचे चला आया। मेरे पास गुजरात का एक पर्यटन मानचित्र था और मुश्किल जगहों के बारे में पूछा गया था। मैंने राज्य में कानून-व्यवस्था लागू करने के लिए सेना को उतारने संबंधी कुछ जरूरी संसाधनों से संबंधित लिस्ट भी सौंपी और तत्काल मुहैया करने को कहा। इसके बाद मैं वापस हवाई अड्डे लौट आया।

1 मार्च 2012 को सुबह सात बजे तक सेना के 3000 जवान आ चुके थे, लेकिन वाहन उपलब्ध नहीं करवाए गए थे। हमने उस कीमती समय को खो दिया। हमारे पास 2 मार्च को सिविल ट्रक, पुलिस गाइड, मजिस्ट्रेट और नक्शे पहुंचे।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles