भारत में इस्लामिक बैंकिंग की शुरुआत को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि इस बारें में कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं की गई हैं.

एक आरटीआई के जवाब में आरबीआई ने कहा कि रिजर्व बैंक की ओर से बैंकों में इस्लामिक विंडों खोले जाने को लेकर कोई कदम नहीं उठाए हैं. साथ ही बतया कि इस कदम से भारत में शरिया अनुपालन वाली ब्याज मुक्त बैंकिंग की धीरे-धीरे शुरूआत होगी.

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आरबीआई की ओर से दिए गए जवाब में कहा गया, ‘ब्याज मुक्त बैंकिंग व्यवस्था शुरू करने के लिए आरबीआई ने फिलहाल कोई डेडलाइन तय नहीं की है.’ केंद्रीय बैंक ने कहा कि सरकार के आदेश पर अंतर्विभागीय समूह देश में ब्याज मुक्त बैंकिंग व्यवस्था शुरू करने के लिए कानूनी, तकनीकी और रेग्युलेटरी मुद्दों का अध्ययन कर रहा है.

रिजर्व बैंक की और से बताया गया कि केंद्र सरकार के निर्देश पर रिजर्व बैंक में एक अंतर विभागीय समूह (आई.डी.जी.) स्थापित किया गया है, जिसने देश में ब्याज मुक्त बैंकिंग शुरू करने के कानूनी, तकनीकी और नियामकीय पहलुओं की समीक्षा करने के बाद अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी है.

पिछले साल फरवरी में आरबीआई की ओर से केंद्र सरकार को लिखे गए एक पत्र में कहा गया कि इस्लामिक बैंकिंग को लेकर कहा गया था कि भारत के बैंकों को इस बारे में कोई अनुभव नहीं है. इसलिए भारत में इस व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से या फिर प्रयोग के तौर पर कुछ स्थानों पर शुरू किया जा सकता है.

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