2000, 500, 200, 50 और 10 के नोटों के बाद अब रिजर्व बैंक 100 के नोट को जारी करने जा रहाहै। नया 100 का नोट महात्मा गांधी सीरीज का होगा। रिजर्व बैंक के अनुसार, नए नोट के आने के बाद भी बाजार में पहले से उपलब्ध पुराने 100 के नोट चलन में बने रहेंगे।

इस नोट में एक नए एतिहासिक स्थल का चित्र दिया गया है। नोट के पिछले हिस्से में यूनेस्को की विश्वदाय सूची में शामिल गुजरात के पाटन स्थित रानी की बावड़ी नोट पर दिखाई देगी। इस नोट में लगने वाला कागज भारत में तैयार किया गया है। प्रिंटिंग में लगने वाली स्याही भारतीय है और सिक्योरिटी फीचर भी पूरी तरह भारत में ही तैयार किए गए हैं।

अन्य नए नोटों की तरह सौ रुपये का नया नोट भी पुराने नोट से छोटा होगा। एक गड्डी का वजन तकरीबन 83 ग्राम होगा। नोट की लंबाई और चौड़ाई में करीब 10 फीसद की कमी की गई है। नए नोट की सिक्योरिटी फीचर में सबसे प्रमुख गांधी जी का चित्र होगा। नोट का रंग हल्का जामुनी होगा।

बता दे कि रानी की बावड़ी को यूनेस्को ने साल 2014 में विश्व विरासत की सूची में शामिल किया है। यूनेस्को ने इस बावड़ी को भारत में स्थित सभी बावड़ियों की रानी के खिताब से नवाजा है। वर्ष 2001 में इस बावड़ी से 11वीं और 12वीं शताब्दी में बनी दो मूर्तियां चोरी कर ली गईं थी। इस मंदिर की नक्काशी और मुर्तियां बरबस ही लोगों को आकर्षित करती हैं।

सोलंकी राजवंश की रानी उदयमती ने अपने पति राजा भीमदेव प्रथम की याद में 1063 में इस बावड़ी को शुरू किया था। यह बावड़ी सरस्वती नदी के पानी में डूब गई थी। बाढ़ का पानी उतरने के बाद इस बावड़ी में सिल्ट जमा हो गया था। जिसे वर्ष 1980 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने फिर से चालू किया। पुरातत्व विभाग की देखरेख में बावड़ी को पुराने स्वरूप में फिर से लाया गया