अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के नए कुलपति के चयन और नियुक्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए संबंधित याचिका खारिज कर दी है. दरअसल सुप्रीम कोर्ट में मौजूदा कुलपति की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका दायर की गई थी.

कोर्ट ने मौजूदा वीसी की नियुक्ति को चुनौती देने वाली एक अन्य याचिका को इस याचिका से अलग करने से भी इनकार कर दिया. कोर्ट में दायर एक अन्य याचिका में विश्वविद्यालय के अल्पसंख्यक संस्थान के दर्जे को असंवैधानिक घोषित करने के इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है.

चीफ जस्टिस जगदीश सिंह खेहर और जस्टिस एन वी रमण की पीठ ने वर्तमान वीसी के सेवानिवृत्त होने के बाद नए वीसी की नियुक्ति के लिए चल रही प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की हैं. साथ ही इस तथ्य का भी संज्ञान लिया कि इस पद के लिए तैयार सूची में शामिल तीनों उम्मीदवार यूजीसी द्वारा निर्धारित शैक्षणिक दिशानिर्देशों को पूरा करते हैं.

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इस बारें में एएमयू का कहना था कि चूंकि वह अल्पसंख्यक संस्थान है इसलिए उसके लिए यूजीसी के दिशानिर्देशों का पालन करना अनिवार्य नहीं है, लेकिन मौजूदा प्रक्रिया में 5 में से 3 उम्मीदवार इन दिशानिर्देशों को पूरा करते हैं.

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