भारत से निकाले जाने पर असम के एक मुस्लिम युवक ने देश की सर्वोच्च अदालत से न्याय की गुहार लगाई हैं. अजबहार अली नाम के इस युवक का कहना हैं कि उसकी कई पीड़ियों ने असम में अपनी जिंदगी गुजारी हैं. लेकिन आज उसे विदेशी घोषित कर देश से निकाला जा रहा हैं.

अपने वकील अरुप बनर्जी के जरिए कोर्ट में याचिका दायर कर उसने कहा कि सरकार का ध्यान बांग्लादेश सीमा को सील करने को लेकर होना चाहिए. लेकिन सरकार विदेशियों की पहचान के नाम पर स्थानीय मुसलमानों को परेशान कर रही हैं. जो कि गलत हैं.

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अली ने याचिका में कहा कि उसके पिता और दादा का नाम नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन, 1951 में है, लेकिन पिता के नाम की स्पैलिंग में साधारण सी गलती के कारण उसे विदेशी बताया जा रहा हैं. उसने अदालत से बांग्लादेश सीमा को सील करने की भी मांग के साथ खुद को न्याय देने की मांग की.

जस्टिस आरए अग्रवाल की बेंच ने अली की याचिका पर गृहमंत्रालय और असम की सरकार नोटिस जारी किया है. अली ने अपनी याचिका में बताया कि उसे विदेशी घोषित करने के बाद उसकी पत्नी ने आत्महत्या कर ली, ऐसे में उसके 7 बच्चे बगैर अभिभावक के रहने को मजबूर हैं

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