सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर ने शनिवार को अपराधियों को मिल रहे संरक्षण पर तंज कसते हुए कहा कि जो जितना बड़ा अपराधी है, उसकी उतनी बड़ी पहुंच होती है.

उन्होने कहा, हमारा देश अजीब है. यहां जितना बड़ा क्रिमिनल होता है, उसकी पहुंच उतनी होती है. उन्होंने कहा, मैंने कभी नहीं देखा कि कोई आतंक का दोषी, सुप्रीम कोर्ट से फेल हुआ है. केश के रिव्यू में हम न्याय पाने की उस सीमा तक पहुंचे, जहां तक पहुंचा जा सकता है.

चीफ जस्टिस ने कहा, मुझे कई साल से इस बात का आश्चर्य है कि पीड़ित का क्या होता होगा? उस परिवार का क्या होता होगा, जिसे चलाने वाला चला गया? खेहर ने बम विस्फोटों, तेजाब हमलों और बलात्कार की घटनाओं के शिकार लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए न्यायिक सेवा प्राधिकरणों से अपील की कि वे ऐसे लोगों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहें.

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किसी खास मुकदमे का नाम लिए बिना न्यायमूर्ति खेहर ने कहा कि यहां तक कि पुनर्विचार याचिकाएं निरस्त होने के बाद भी आतंकवादियों को कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए बहुत सारे लोग आगे आते हैं, लेकिन बम विस्फोटों, तेजाब हमलों और अन्य घटनाओं के पीडि़तों के कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए कोई सामने नहीं आता.

उन्होंने कहा कि तेजाब हमलों की उन पीडि़तों का क्या जिनके चेहरे खराब हो गए और समाज में जीने लायक उनकी स्थिति नहीं रहती. मैं उन बलात्कार पीडि़ताओं के बारे में सोचता हूं, जिनके लिए कोई कानूनी सहायता का हाथ सामने नहीं आता.

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