Sunday, September 19, 2021

 

 

 

‘मोदी सरकार शरीयत में दखलंदाजी की कोशिश न करे, मुसलमान शरीयत के खिलाफ कोई कानून नहीं मानेगा’

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लुधियाना: केंद्र सरकार द्वारा ट्रिपल तलाक के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करने को लेकर जामा मस्जिद लुधियाना के शाही इमाम मौलाना हबीब उस रहमान सानी लुधियानवी ने मोदी सरकार को सख्त चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार शरीयत में दखलंदाजी की कोशिश न करे, क्योंकि मुसलमान अपने धर्म में हस्तक्षेप करने वाले किसी भी कानून को नहीं मानेगा.

मजलिस अहरार इस्लाम हिंद की बैठक को सबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ट्रिपल तलाक के विरोध में केंद्र की ओर से सुप्रीम कोर्ट दायर किया गया जवाब भारत के 26 करोड़ मुसलमानों की भावनाओं के खिलाफ है. कहा कि भारत का सविधान प्रत्येक भारतीय को अपने धर्म के मुताबिक जीवन व्यतीत करने का अधिकार देता है और केन्द्र सरकार संविधान के इस भाग को भूल चुकी है.

शाही इमाम ने कहा कि मुसलमानों को विवाह और तलाक के विषय में किसी सरकारी सुझाव की जरूरत नहीं. उन्होनें कहा कि कुरआन शरीफ में अल्लाह ताआला ने एक मुक्म्मल दस्तूर हमें दिया जो कि हर लिहाज से पूरा है. मोदी सरकार को चाहिए कि वह धर्म के नाम राजनीति करना छोड़े और विकास की ओर ध्यान दें.

शाही इमाम पंजाब ने कहा कि भारत के सभी मुसलमान अपने अधिकारों के लिए एकजुट है, वह किसी भी काले कानून को नहीं मानेगें. शाही इमाम ने कहा कि केन्द्र सरकार में बैठे मुस्लिम प्रतिनिधियों का चाहिए कि वह चमचागिरी छोड़े और सरकार को मुसलमानों की भावनाओं से अवगत करवाए.

उन्होनें कहा कि मुस्लिम पर्सनल ला को लेकर अगर जरूरत हुई तो दिल्ली में भारत की सभी मुस्लिम संस्थाएं एक-जुट होकर सरकार के सामने अपनी बात रखेगी.

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