Thursday, June 17, 2021

 

 

 

किसान आंदोलन में शामिल होने पहुंचे जामिया छात्रों को किसानों ने वापस लौटाया

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नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को रविवार को समर्थन देने पहुंचे जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों के एक समूह को किसानों ने यूपी गेट (गाजियाबाद)-गाजीपुर (दिल्ली) सीमा से ही वापस लौटा दिया। साथ ही किसानों ने जामिया के छात्रों का समर्थन लेने से इनकार कर दिया।

डीएसपी अंशू जैन ने ”पीटीआई-भाषा” से कहा कि जब किसान नेताओं ने प्रदर्शन स्थल पर छात्रों की मौजूदगी पर आपत्ति जताई तो पुलिस ने उन्हें वापस भेज दिया। किसान चरणजीत ने कहा कि किसानों को तुम्हारा साथ नहीं चाहिए, तुम आंदोलन से दूर ही रहो। इस दौरान काफी गहमागहमी भी रही और कुछ देर तो जामिया के छात्र वहीं मौजूद रहे लेकिन बाद में वे वहां से लौट गए।

वहीं भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ”किसानों की एकता को तोड़ना चाहती है।” उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में किसानों का प्रदर्शन स्थल पर आने का सिलसिला जारी है और तीन कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन इतिहास रच देगा।

इससे पहले किसानों के समर्थन में आए आजाद पार्टी और जमीयत उलेमा ए हिंद को भी इसी तरह के व्यवहार से दो-चार होना पड़ा था। किसानों का कहना है कि आंदोलन को दिल्ली में कुछ दिन पहले हुए एक धरने का पार्ट टू बनाने का प्रयास चल रहा है इसलिए उसे लेकर किसान पूरी तरह सतर्क हैं। वह अपने इस आंदोलन पर किसी राजनीतिक दल और किसी संगठन की मुहर नहीं लगने देना चाहते हैं।

किसान नेता के मुताबिक 70 ट्रैक्टर लखीमपुर से आने की संभावना है लेकिन पुलिस प्रशासन उन को अलग- अलग जनपदों में रोकने का काम कर रहा है। उन्होंने किसान क्रांति स्थल से अधिकारियों एवं नेताओं को चेतावनी दी है कि अगर किसानों को रोका जाएगा तो वह जिस जनपद पर होंगे वहीं पर आंदोलन शुरू कर देंगे और जमकर धरना प्रदर्शन होगा।

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