सेना में ब्रिटिश राज से चले आ रहे ‘सहायक’ सिस्टम के तहत सीनियर अफसरों की प्रताड़ना का खुलासा करने वाले जवान का शव मिलने के बाद सनसनी फैल गई है. 33 साल के जवान रॉय मैथ्यू का शव गुरुवार को बैरक में लटका मिला है. यह बैरक महाराष्ट्र स्थित नासिक जिले में है. डॉक्टरों का कहना है कि मैथ्यू की मौत तीन दिन पहले हो चुकी है. उनका शरीर सड़ चुका है.

नासिक पहुंचे मैथ्यू के घरवालों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार किया हैं. उनका कहना हैं कि रॉय मैथ्यू पिछले 25 फरवरी से लापता था. इस मामले में शिकायत भी दर्ज की गई थी. लेकिन बाद में देवली कैंट में उसकी लाश मिली. इस मामले में सेना ने भी कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का ऑर्डर दिया है.

याद रहे लांस नायक यज्ञ प्रताप सिंह के वीडियो के बाद मैथ्यू ने भी एक वीडियो बनाया था जिसमें उन्होंने  अपने चेहरे को दिखाए बिना निकों की परेशानियों को उजागर किया था. वीडियो के जरिए दिखाया गया था कि किस तरह जवान अधिकारियों के कुत्तों को टहलाने और उनके बच्चों को स्कूल छोड़ने का काम कर रहे है. मैथ्यू पिछले 13 सालों से सेना में थे और गनर के तौर पर तैनात थे.

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मैथ्यू को केंद्र में एक कर्नल रैंक के अधिकारी के साथ ‘सहायक ड्यूटी’ में लगाया गया था. केरल स्थित मैथ्यू के परिवार के अनुसार मैथ्यू ने उन्हें 25 फरवरी को आखिरी बार फोन किया था. उनकी पत्‍नी फिनी रॉय ने कहा है कि रॉय ने कुछ दिनों पहले फोन किया था और कह रहे थे कि समाचार चैनल मेरी तस्‍वीर दिखा रहे हैं। इतना ही कहते रॉय मैथ्‍यू फोन पर ही रो रहे थे.

 रॉय मैथ्‍यू की पत्‍नी ने समाचार न्‍यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए कहा कि मैं जानना चाहती हूं उनको क्‍या हुआ. वहीं अपनी बेटे की मौत पर रोते हुए पिता ने कहा कि न हमारे पास पैसा है और नही राजनीतिक पहुंच. कोई मदद नहीं कर रहा है। उन्‍होंने कहा कि हम जानना चाहते हैं कि आखिर मेरे बेटे को क्‍या हुआ.

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