म्यांमार में मुस्लिमों पर बहुसंख्यक समाज बुद्धिष्ट और सुरक्षा बलों द्वारा किये जा रहे अत्याचार को लेकर कहा कि म्यांमार में बुद्धिष्ट भी आतंकी हो गये हैं. यह सर्वथा गलत, मानवता व धर्म के खिलाफ है. सभी धर्मों का सार है आपस में प्रेम करो.

बोधगया स्थित कालचक्र मैदान में शुक्रवार को 34वीं कालचक्र पूजा के दौरान उन्होंने कहा कि आतंकियों का कोई धर्म नहीं होता है. आतंकी कभी धार्मिक नहीं हो सकते. क्रोध, ईर्ष्या व क्लेश के कारण लोग दूसरों को दुख पहुंचाने में लगे हैं. हत्या तक कर रहे हैं.

गौरतलब रहें कि म्यांमार में लगातार रोहिंग्या मुस्लिमों का जनसंहार जारी हैं, संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी संस्था यूएनएचसीआर इसे जातीय सफाए का नाम दे चूका हैं. संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी संस्था यूएनएचसीआर से जुड़े जॉन मैकइस्सिक के अनुसार, म्यांमार सैन्य बल रोहिंग्या मुसलमानों की हत्याएं कर रहा हैं. जिससे मजबूर होकर वे बांग्लादेश भागने को मजबूर हो रहे हैं.

मैकइस्सिक के अनुसार, सुरक्षा बल रोहिंग्या समुदाय के पुरुषों की हत्याएं कर रहे हैं, गोलियां चला रहे हैं, बच्चों का क़त्ल-ए-आम कर रहे हैं, महिलाओं से बलात्कार कर रहे हैं और घरों को आग रहे हैं जिससे ये लोग नदी पार करके बांग्लादेश में घुसने के लिए मजबूर हो रहे हैं.


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