supreme court india

नई दिल्ली। डांस बार मामले में एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को फटकार लगाई है। सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार को आदेश दिया है कि वह एक सप्ताह के अंदर बार के लाइसेंस जारी करे। कोर्ट ने यह भी कहा कि डांस बार में काम करने वाले लोगों की जांच कर उनका सत्यापन किया जाए। कोर्ट ने अश्लीलता को लेकर सरकार द्वारा जताई गई चिंता पर कहा कि वह अश्लीलता रोकने का नियम बनाए, ना कि डांस बार खुलने से रोके।

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में डांस बार मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि डांस करना भी एक व्यवसाय है, भीख मांगने से बेहतर है कि महिलाएं बार में डांस कर लें. इससे पहले कोर्ट ने आदेश का पालन नहीं किए जाने को लेकर वहां के डीसीपी (लाइसेंसिंग) को 25 अप्रैल को तलब किया था.

कोर्ट ने इस मामले को लेकर महाराष्ट्र सरकार को पहले भी कड़ी फटकार लगाई थी और सख्‍त लहजे में पूछा था कि उसके आदेश के बावजूद मुंबई में डांस बार के लाइसेंस क्यों नहीं दिए गए.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

कोर्ट ने 19 अप्रैल को मामले की सुनवाई करते हुए सरकार से एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा था. डांस बार के नए कानून के बारे में कोर्ट ने कहा था कि उसने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि अश्लील डांस नहीं होगा और यह कानून में भी प्रतिबंधित है.

Loading...