नोटबंदी से उबरने में देश की अर्थव्यवस्था को एक साल का समय लग जाएगा. ये कहना हैं औद्योगिक संगठन एसोचेम के नए अध्यक्ष और विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाली मोनेट समूह के प्रमुख संदीप जजूडया का. उन्होंने कहा कि नोटबंदी से पहले की स्थिति में आने के लिए देश को एक साल का वक्त लगेगा.

चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष के रूप में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बुधवार को कहा कि नोटबंदी से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति काफी खराब है. वहाँ नकदी की बड़ी समस्या हैं. ऐसे में सब कुछ सामान्य होने में काफी समय लगेगा. उन्होंने कहा कि इसी वजह से अर्थव्यवस्था को पटरी पर आने में कम से कम एक साल का समय लग जाएगा.

इसी के साथ उन्होंने केंद्र की कैश लेस की नीति को एकर कहा कि लोगों को कैश लेस को अपनाने में समय लगेगा. सरकार को चाहिए कि वह मांग को बढ़ावा देने के उपाय करे. साथ ही देश के लिए धन बनाने वाली औद्योगिक दुनिया पर भरोसा करने और टैक्स, आतंकवाद और भय का माहौल पैदा न करने की अपील की.

उन्होंने आगे कहा, सरकार को तीन लाख रुपये से अधिक की नकद खरीद पर लेनदेन पर कर लगाने के प्रस्ताव पर फिर से विचार करना चाहिए. ऐसे ईमानदार करदाताओं को और उद्योग जगत को शक की निगाह से देखने की बजाय उनके सम्मान करना चाहिए और कर राजस्व बढ़ाने के लिए टैक्स के दायरे में अधिक लोगों को लाना चाहिए. देश में केवल 1.8 प्रतिशत लोग ही कर जमा करते हैं जो हैरत की बात है.

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