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मुम्बई में पावनधाम, कोलकाता में पारसधाम, बड़ौदा में पावनधाम और अहमदाबाद में पवित्रधाम की स्थापना करने वाले देश के प्रसिद्ध जैन धर्मगुरु नम्रमुनि पर उनकी पूर्व शिष्या ने बलात्कार का आरोप लगाया है.

पीड़िता ने पीएमओ, महाराष्ट्र के सीएम और महाराष्ट्र महिला आयोग को भी अपनी लिखित शिकायत भेज कर न्याय की गुहार लगाई है. पीड़िता की शिकायत पर महाराष्ट्र महिला आयोग ने कहा कि जरूरी कार्रवाई करेंगे.

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पीड़िता ने आरोप लगाया, “नम्रमुनि महाराज साहेब हमेशा कहते थे कि गुरु को तन मन धन सब सौंप देना चाहिए, मुझे ऐसे ऐसे वाक्य से भ्रमित करते थे कि गुरु को सब सौंप देना चाहिए, आत्मा तो पहले से गुरु के पास होता है लेकिन तन भी देना पड़ता है, तन का भी भोग देना पड़ता है.”

उन्होंने आगे कहा, ”जो गुरु मांगे, गुरु रात मांगे या दिन मांगे, आपका पूरा समय मांगे तो भी पहले आपके गुरु को सौंप देना चाहिए, गुरु रात को बुलाए तो रात को भी आना चाहिए, गुरु शाम को बुलाए शाम को भी आना चाहिए.

पीड़िता ने आगे बताया, ”भगवान का नहीं सुनना चाहिए कि भगवान ने शास्त्र में लिखा है कि सूर्यास्त के बाद साधु के पास नहीं जाना चाहिए, गुरु की मांग पहले होनी चाहिए, ऐसे कर कर के बहुत से तरीके से उन्होंने मेरे को विवश करते थे सेक्स के लिए या दूसरी तरीके से भी करते थे लेकिन मुझे अनुचित लगा.”

पीड़िता का कहना है कि नम्रमुनि दुनिया के सामने अहिंसा और नम्रता का संदेश देते हैं. लेकिन पीठ पीछे दीक्षा के लिए लोगों को मजबूर करते हैं. नम्रमुनि पर आरोप लगा है कि उन्होंने लड़की के मां-बाप को दीक्षा के लिए अनुमति देने के लिए मजबूर किया बल्कि लड़की को भी मां-बाप के खिलाफ भड़काया.

हालांकि नम्र मुनि ने लड़की के द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि ये मनगढ़ंत कहानियां हैं. कुछ मनोरोगी ऐसी कहानियां बनाते हैं. आज तक हमने 18-20 दीक्षा दी है आप उनसे पूछ लो क्या किसी को दबाव में दी गई है.

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