Tuesday, January 25, 2022

आज़ादी के बाद हम पर शक किया गया लेकिन हमने लोकतंत्र में आस्था जताई

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अमेरिकी संसद की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ऐतिहासिक संबोधन में कहा की जब हम आज़ाद हुए थे तब बहुतों ने हम पर शक किया था लेकिन हमने लोकतंत्र में अपनी आस्था जताई थी. भारत आज एक होकर जीता है, बढ़ता है और उत्सव मनाता है। अमेरिकी संसद की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, “जब भारत नया-नया स्वतंत्र देश बना था तो बहुतों ने संदेह जताया था, हमने लोकतंत्र में अपनी आस्था जताई थी। “

मोदी ने कहा कि हमारे देश के संस्थापकों ने स्वतंत्रता, लोकतंत्र एवं समानता को इसकी आत्मा का मूल तत्व रखकर एक आधुनिक राष्ट्र बनाया। मोदी भारत के पांचवें प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने अमेरिकी संसद की संयुक्त बैठक को संबोधित किया है।

उन्होंने कहा भारत आज एक होकर जीता है, भारत एक होकर बढ़ता है और भारत एक होकर उत्सव मनाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत मुक्त लोगों और वीरों की इस भूमि से पुरुषों एवं महिलाओं की महान कुर्बानियों की सराहना करता है। उन्होंने अपने हाथ उठाए और तालियां बजाईं और इसके साथ ही पूरा सदन उठकर खड़ा हो गया और उनके साथ तालियां बजाने लगा।

उन्होंने कहा, मुझे यह अवसर देकर आपने 1.25 अरब आबादी वाले दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का सम्मान किया है। इससे पहले प्रधानमंत्री राजीव गांधी, पी.वी. नरसिंह राव, अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह अमेरिकी कांग्रेस की संयुक्त सभा को संबोधित कर चुके हैं। अमेरिकी संसद की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अमेरिकी संसद के नेतृत्व से मुलाकात की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट में कहा, लोकतंत्रों के बीच की बातचीत को बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी संसद के नेतृत्व से कैपिटल हिल में मुलाकात की। कैपिटल हिल पहुंचने पर प्रधानमंत्री का प्रतिनिधि सभा के स्पीकर पॉल रियान ने स्वागत किया।

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