बेटी का एडमिशन सरकारी स्कूल में कराकर कलेक्टर मसर्रत खानम ने पेश की मिसाल

5:14 pm Published by:-Hindi News

अच्छी शिक्षा के लिए एक ओर जहां माता-पिता अपने बच्चों का एडमिशन महंगे निजी स्कूलों में कराने की दौड़ में शामिल हैं, वहीं दूसरी ओर तेलंगाना की एक कलेक्टर ने अपनी बेटी का एडमिशन सरकारी स्कूल में करवाकर मिसाल पेश की है।

तेलंगाना के विकाराबाद की कलेक्टर मसर्रत खानम आएशा ने विकाराबाद के सरकारी अल्पसंख्यक आवासीय स्कूल में पांचवी कक्षा में अपनी बेटी का दाखिला करवा कर मिसाल पेश की।  वह अपनी बेटी के लिए सभी सुविधाओं वाले प्राइवेट स्कूल को भी चुन सकती थीं लेकिन उन्होंने इससे परहेज करते हुये उसे सरकारी स्कूल में भेजने का कठिन रास्ता चुना।

कलेक्टर ने अपनी बेटी का हैदराबाद से 75 किलोमीटर दूर स्थित तेलंगाना माइनॉरिटीज रेजीडेंशियल स्कूल में दाखिला करवाया है। आयशा ने बताया कि शिक्षा का स्तर अच्छा है और वहां बच्चे का संपूर्ण विकास हो सकता है और यहां सुविधाएं भी पर्याप्त हैं।

इस स्कूल में अधिकतर गरीब लोगों के बच्चे पढ़ते हैं. तेलंगाना माइनॉरिटीज रेजीडेंशियल एजुकेशनल इंस्टीटयूशन सोसाइटी के सचिव बी शफीउल्ला ने कहा कि कलेक्टर का यह प्रयास सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इससे अल्पसंख्यकों को प्रेरणा मिलेगी। इससे अल्पसंख्यकों में लड़कियों की शिक्षा को लेकर कई बदलाव आ सकते हैं। यह अच्छी खबर है।

आयशा का कहना है कि एक ऐसा माहौल बना दिया गया है कि सरकारी स्कूल खराब होते हैं लेकिन ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों को लेकर गलत सोच बनी है इसको तोड़ने के लिए ये जरूरी है कि अधिकारी अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में भेजें।

आयशा का कहना है कि एक ऐसा माहौल बना दिया गया है कि सरकारी स्कूल खराब होते हैं लेकिन ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों को लेकर गलत सोच बनी है इसको तोड़ने के लिए ये जरूरी है कि अधिकारी अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में भेजें।

तेलंगाना माइनॉरिटी रेजीडेंशियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूय सोसाइटी के सचिव ने आएशा के इस प्रयास की तारीफ करते हुए कहा कि कलेक्टर का यह प्रयास सराहनीय है। इससे अल्पसंख्यकों को प्रेरणा मिलेगी साथ ही इससे अल्पसंख्यकों में लड़कियों की शिक्षा को लेकर कई बदलाव आ सकते हैं।

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