सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के बर्खास्त सिपाही तेज बहादुर यादव को नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी की और से क्लीन चिट मिल गई है.

ध्यान रहे तेज बहादुर ने बीएसएफ मेस में मिल रहे भोजन की खराब क्वालिटी पर सवाल उठाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था. जो बड़े पैमाने पर वायरल हुआ था.

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इस मामले में एनआईए ने विदेशी तत्वों के साथ उनके संबंध होने की आशंका जताई थी और उस बाबत जांच करने का फैसला किया था. इस दौरान एनआईए ने तेज बहादुर यादव के फेसबुक और ट्विटर प्रोफाइल की जांच की. साथ ही फोन पर हुई बातचीत के ब्यौरे अलावा उनका इलेक्ट्रॉनिक डेटा भी खंगाला.

हालांकि अब एनआईए ने अपनी जांच में पुष्टि की है कि दुश्मन मुल्कों के साथ यादव के किसी तरह के कोई संबंध सामने नहीं आए हैं. इस रिपोर्ट को आधार बनाते हुए तेज बहादुर ने नौकरी बहाल करने की मांग की है. यादव ने हरियाणा और पंजाब हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है.

इस याचिका में उन्होंने कहा, ‘मैंने वह वीडियो उच्च अधिकारियों के सामने एक सबूत के तौर पर प्रस्तुत करने के लिए बनाया था. साथियों ने कब उसे सोशल नेटवर्किंग साइट पर डाल दिया, मुझे पता नहीं चला. इस वीडियो को मैंने किसी गलत नीयत से नहीं बनाया था.’

इस मामले में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ-साथ बीएसएफ के महानिदेशक को नोटिस जारी करते हुए उनका जवाब मांगा है.