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आतंकी गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप में गिरफ्तार किए गए हिंदुवादी संगठन सनातन संस्था के कार्यकर्ताओं के मामले में शुक्रवार को मुंबई की विशेष अदालत में बड़ा खुलासा करते हुए ATS के जांच अधिकारियों ने कहा कि इन लोगो के निशाने पर ऐसे लोग थे जो हिन्दू धर्म के खिलाफ बयानबाजी करते हैं।

न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के अनुसार, ‘जांच के दौरान आरोपियों से मिली जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र के 4 बड़े लोग जिनमें राजनैतिक पार्टी के नेता और समाजसेवियों की रेकी की गयी थी। इस रेकी के पीछे क्या मकसद था इसका पता लगाना जरुरी है जिसके लिए आरोपी की रिमांड बढ़ाई जाए।’

साथ ही ATS ने कोर्ट में बताया के अब तक की जांच में यह बात सामने आ चुकी है की मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने बम बनाने और हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली है। ट्रेनिंग के लिए अविनाश पवार और उसके दूसरे साथी महाराष्ट्र के बाहर दूसरे राज्यो में जाकर यह ट्रेनिंग लेते थे।

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बता दे कि एटीएस ने सनातन संस्था के वैभव राउत, शरद कलसकर और सुधान्वा को गिरफ्तार किया था। वैभव राउत के घर कई देसी बम और हथियार बनाने की सामग्री मिली थी। इतना ही नहीं इन आतंकियों से चार एयर पिस्टल्स, 20 एयर पिस्टल पैलेट्स, दो सीपीयू, दो नोटबुक, एक डायरी, तीन मोबाइल और दो सिमकार्ड बरामद किए थे।

इस केस में ATS ने कोर्ट के समक्ष एक डायरी रखी जिसमे सांकेतिक भाषा का इस्तेमाल हुआ है। इस को आधार बनाकर अदालत ने कहा इन सांकेतिक भाषा में क्या लिखा गया जिसका पता लगाने लिए महाराष्ट्र ATS को जांच का का समय मिलना चाहिए इसलिए अविनाश पवार को 4 सितम्बर तक की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।

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