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नयी दिल्ली:  प्रवासी भारतीय सम्मलेन में शिरकत करने आए भारतीय मूल के तंजानियाई सांसद ने गौरक्षा के नाम पर हो रही देश भर में हिंसा पर चिंता जताते हुए कहा कि गौरक्षा भारत के लिए ‘नासूर’ बन गई.

मंगलवार को तंजानिया के सत्तारूढ़ दल चामा चा मापिनदुजी (सीसीएम) के दो बार के सांसद सलीम टर्की ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के सामने गौरक्षा के नाम पर हो रही हत्याओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मोदी सरकार देश और दुनिया में जो कर रही है, उस पर हमें गर्व है. लेकिन भारत के लिए एक चीज सही नहीं है और मैं इसे नासूर कहता हूं और वह गोरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा है.

टर्की ने कहा, ‘‘हम भारत में नहीं रहते लेकिन खबरों में खासकर (इलेक्ट्रॉनिक) मीडिया में आप लोगों को मारने, उकसाने का क्लिप देखते हैं.यह भेदभाव जैसा है.’’ बता दें कि तुर्की गुजराती मूल के हैं.

बाद में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “लोग मारे जा रहे हैं। यह देश के लिए अच्छा नहीं है. सरकार भी चुप है. यह इस देश के लिए बहुत ही खतरनाक स्थिति है। मैंने इस समस्या को बारी-बारी से विदेश मंत्री के सामने उठाया है. अगर मेरा संदेश पीएम मोदी तक पहुंचता है तो मैं समझता हूं कि इसे काफी गंभीरता से लिया जाना चाहिए.”

तंजानिया के इस सांसद ने कहा कि उसे भारत सरकार की तरफ से बताया गया है कि भारत एक सहिष्णु देश है और यहां गो रक्षा के नाम पर हिंसा के बहुत ही कम मामले हैं और जहां कहीं भी ऐसे मामले दर्ज हैं, वहां की राज्य सरकारों ने आरोपियों और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है.