Monday, October 18, 2021

 

 

 

ताहिर हुसैन का पुलिस के सामने कबूलनामा निकला फर्जी, मीडिया ने चलाई थी झूठी खबर

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आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन को लेकर मीडिया में किया जा रहा दिल्ली दंगों से जुड़ा दावा झूठा निकला है। दरअसल, मीडिया के एक बड़े धड़े ने खबर चलाई थी कि ताहिर हुसैन ने दिल्ली दंगों की साजिश रची थी। वह इन दंगो का मास्टरमाइंड है।

The Quint के अनुसार, इस बारे में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कहा है कि निलंबित आम आदमी पार्टी (AAP) पार्षद ताहिर हुसैन का दिल्ली दंगों में कथित भूमिका से संबंधित कोई कबूलनामा रिकॉर्ड नहीं हुआ है। RTI यूनिफाइड पीपल्स मूवमेंट के चेयरमैन निलिम दत्ता की और से दायर आरटीआई में इस बात का खुलासा हुआ है।

RTI के जवाब में DCP (क्राइम) और पब्लिक इंफॉर्मेशन ऑफिसर जॉय तिर्की ने कहा, “CrPC के सेक्शन 164 के तहत बयान दर्ज नहीं हुआ था।” CrPC का सेक्शन 164 जांच या कोर्ट में सुनवाई शुरू होने से पहले कभी भी बयान या कबूलनामा दर्ज किए जाने से संबंधित है। इस सेक्शन के तहत न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने दिया गया बयान ही कोर्ट में मान्य होता है। इसके अलावा पुलिस को दिया गया बयान कोर्ट में मान्य नहीं होता।

RTI याचिका में दत्ता ने सवाल किया था कि क्या ताहिर हुसैन ने ये कहते हुए कोई कबूलनामा दिया है कि ‘उन्होंने दिल्ली दंगों की योजना और उसे पूरा किया था’, और अगर ऐसा बयान दिया है तो कब और किस मजिस्ट्रेट के सामने? हालांकि, RTI याचिका में दंगों के सभी मामलों की बात पूछी गई थी, लेकिन पुलिस ने अपने जवाब में सिर्फ FIR 65 का जिक्र किया है. ये FIR इंटेलिजेंस ब्यूरो के अफसर अंकित शर्मा की हत्या से संबंधित है।

बता दें कि मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि दिल्ली हिंसा के आरोपी और आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन ने राजधानी में दंगे कराने का जुर्म कबूल लिया है। ये दावा दिल्ली पुलिस की तरफ से दाखिल की गई चार्जशीट में हुआ है। चार्जशीट के मुताबिक ताहिर हुसैन ने कहा है कि मैंने खालिद सैफी और उमर खालिद के जानकारों के साथ मिलकर दंगों की साजिश रची थी और दंगों को दौरान मैंने अपने परिवार को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया था।

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