नांदेड़: तहफ्फुज ए नामुस ए रिसालत बोर्ड की बैठक के लिए रविवार को नांदेड पहुंचे रज़ा एकेडमी के प्रमुख अल्हाज मुहम्मद सईद नूरी ने उलेमा ए अहले सुन्नत को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी धर्म के महापुरुषों के अपमान से समाज में सिर्फ घृणा ही फैलेगी और मुल्क का भाईचारा समाप्त होगा।

उन्होने कहा कि सोशल मीडिया के जरिये इस्लाम धर्म के इस्लाम धर्म के पैगंबर हजरत मुहम्मद (सल्ल) और उनके सहाबा (साथियों), अहले बैत (वंशजों) को लेकर बड़े पैमाने पर गुस्ताखी की जा रही है। ऐसे में हम सभी की ज़िम्मेदारी बनती है कि ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही के लिए आगे आए।

अल्हाज मुहम्मद सईद नूरी की इस अपील पर न केवल आम मुसलमानों ने बल्कि अधिवक्ताओं ने भी अपना समर्थन व्यक्त किया। मीटिंग में मौजूद अधिवक्ताओं ने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ मुकदमों की पैरवी करना उनके लिए गर्व की बात होगी। उन्होने कहा कि ऐसे मामलो में पैरवी के लिए वे हर समय तैयार है।

सय्यद जमील ने बोर्ड के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि बोर्ड का गठन राष्ट्रीय स्तर पर किया गया है। जिसमे अधिवक्ताओं और आईटी एक्स्पर्ट की टीमें होंगी। जो देश भर से आए मामलों को देखेंगी। उन्होने कहा कि मुसलमान सोशल मीडिया पर होने वाली गुस्ताखी पर खामोश रहने के बजाय अब आगे आकर एफ़आईआर कराए। उन्हे हर संभव मदद प्रदान की जाएगी।

इस मौके पर मौलाना रफ़ी-उद-दीन, मौलाना अब्दुल सबूर, मौलाना शोएब रज़ा, नांदेड़ के अब्दुल अज़ीम रिज़वी, हाजी तौफीक, हाजी इलायस, मौलाना अमन रब, हाफिज़ मुहम्मद मोहम्मद अब्दुल वाहिद, मौलाना मुख्तार, मौलाना गुलाम मुस्तफा, मौलाना रफीउल्ला, मौलाना सादुल्लाह के अलावा बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।