Tuesday, October 26, 2021

 

 

 

तबरेज अंसारी केस में गवाह के बयान से भी पुलिस की थ्योरी पर सवालिया निशान

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चर्चित तबरेज अंसारी केस में झारखंड पुलिस आरोपियों के खिलाफ हत्या की धारा हटाने के बाद बुरी तरह से घिर चुकी है। इस मामले में पहले ही जमशेदपुर के एक मेडिकल कॉलेज के पांच विभागाध्यक्ष सवाल उठा चुके है।

वहीं अब तबरेज अंसारी के चाचा और इस मामले में गवाह मोहम्मद मसरुर आलम ने भी अपने बयान में कहा है कि उसने सुना था कि भीड़ चिल्ला रही थी कि ‘इतना मारो कि मर जाए।’ मसरुर आलम ने अपने बयान में ये भी कहा था कि ‘तबरेज अंसारी पुलिस स्टेशन में चल भी नहीं पा रहा था और ‘बेहोशी’ की हालत में था। काफी कोशिशों के बाद वह अपनी आंखें खोल रहा था।

आलम के अनुसार, वह अगले दिन उससे जेल में मिला था और वह रो रहा था। उसने मुझे बताया कि उसके सिर में काफी चोट लगी है और वह उसका इलाज कराने को कह रहा था।’ इस मामले में मसरुर आलम सहित कुल 24 गवाह हैं, जिनके बयान चार्जशीट में दर्ज हैं और उन्हें बीती 23 जुलाई को चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था।

बता दें कि तबरेज अंसारी केस में दाखिल की गई चार्जशीट में इस बात का जिक्र है कि पोस्टमार्टम करने वाले बोर्ड ऑफ डॉक्टर्स का भी कहना है कि यदि विसरा रिपोर्ट में ‘जहर’ की पुष्टि नहीं होती है तो फिर मौत का कारण सिर में लगी चोट को माना जाएगा।

वहीं केस डायरी के अनुसार, पुलिस ने विसरा रिपोर्ट आने से पहले ही आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं से हटाकर मामले को आईपीसी की धारा 304 के तहत दर्ज कर लिया है।

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