Friday, July 30, 2021

 

 

 

सुब्रमण्यम स्वामी ने अमृत्य सेन को बताया ‘ग़द्दार’ कहा, सोनिया के दबाव में दिया गया भारत रत्न

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नई दिल्ली । अपने बयानो के लिए हमेशा सुर्ख़ियो में रहने वाले भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने देश के सबसे बड़े अर्थशास्त्रियों में से एक अमृत्य सेन के लिए बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया है। उन्होंने अमृत्य सेन को ‘ग़द्दार’ बताते हुए कहा की उन्होंने नालंदा विश्वविधालय को लूटने के अलावा कुछ काम नही किया। बताते चले की अमृत्य सेन को अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने भारत रत्न दिया था।

न्यूज़ एजेन्सी एएनआइ से बात करते हुए सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा,’ आरएसएस के लोग भी भारत के ही नागरिक हैं। उन्होंने देश के लिए बहुत काम किया है, लेकन उन्हें उतना सम्मान नहीं दिया गया। मुझे लगता है कि आरएसएस के लोगों ने बिना किसी अपेक्षा के और चाह से समाज के लिए काम किया। एनडीए ने अमर्त्य सेन को भारत रत्न दिया, जो कि एक ‘गद्दार’ हैं।’

स्वामी ने आगे कहा,’ उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय को लूटने के अलावा देश के लिए क्या किया है? उन्हें केवल इसलिए सम्मानित किया गया क्योंकि वह लेफ्ट विंग को सपोर्ट करते हैं और उन्हें अवार्ड देने के लिए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दबाव बनाया था।’ मालूम हो की 1999 में एनडीए की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने अमृत्य सेन को भारत रत्न से नवाज़ा था।

स्वामी का यह बयान पद्म पुरस्कारों की घोषणा के बाद आया है। इन पुरस्कारों की घोषणा के बाद कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाया था की सरकार आरएसएस नेताओ को सम्मानित कर रही है। इसके अलावा स्वामी ने भी ट्वीट कर पद्म अवार्ड्स पाने वाले गणमान्य लोगों में से पांच लोगों पर सवाल खड़ा किया था, जिनमें आरएसएस नेता वेद प्रकाश नंदा और केरल आरएसएस प्रचारक चीफ पी परमेश्वर के नाम भी शामिल थे। मालूम हो की गणतंत्र दिवस के मौक़े पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गयी।

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