नई दिल्ली. संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शहर अबू धाबी ने अदालतों में हिंदी को तीसरी आधिकारिक भाषा के रूप में जोड़ा है. भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इसके लिए अबू धाबी का आभार जताया है.

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केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर लिखा है, “हम अबू धाबी को अपने ज्यूडिशियल सिस्टम में हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में जोड़ने पर धन्यवाद करते हैं. इससे भारतीय लोगों को न्याय पाने में और भी आसानी होगी.”

स्थानीय अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, अबूधाबी न्यायिक विभाग ने कहा कि इस कदम का मकसद विदेशियों को बिना भाषाई बाधा के मुकदमेबाजी की प्रक्रिया, उनके अधिकार व कर्तव्य के बारे में सीखने में मदद करना है.  विभाग ने कहा कि इसके अलावा इस कदम का उद्देश्य विभाग की वेबसाइट के माध्यम से उपलब्ध एकीकृत फॉर्म के जरिए पंजीकरण प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाना है.

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एडीजेडी के अंडरसेक्रेटरी यूसुफ साइद अल अबरी ने कहा, “दावा पत्र, शिकायतों व अनुरोधों के लिए बहुभाषी इंटरेक्टिव फॉर्मो को अपनाने का उद्देश्य न्यायिक सेवाओं को बढ़ावा देना और मुकदमेबाजी प्रक्रियाओं की पारदर्शिता को बढ़ाना है.

अल अबरी ने बताया कि द्विभाषी मुकदमेबाजी प्रणाली के हिस्से के रूप में नई भाषा को अपनाया गया है. इस प्रणाली का पहला चरण नवंबर 2018 में शुरू हुआ था. प्रक्रिया में आवश्यकता होती है कि अगर अपराधी विदेशी होता है तो वादी को सिविल और व्यावसायिक मुकदमों के दस्तावेजों का अनुवाद अंग्रेजी में कराना होता है.

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात की आबादी 90 लाख से ज्यादा है, जिसमें 88.5 फीसदी प्रवासी मजदूर हैं. इस आबादी में 38 फीसदी भारतीय हैं.

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