पटना | दशहरे से ठीक अगले दिन मोहर्रम होने से देश की कई राज्यों सरकारो के माथे पर बल आ गए है. प्रदेश की कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई राज्यों के जिला प्रशासन की और से कुछ कदम उठाये गए है. इनमे बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश शामिल है. ज्यादातर जगहों पर जिला प्रशासन ने आदेश दिया है की दशहरे की दिन ही दुर्गा प्रतिमा विसर्जन कर ली जाए जिससे की मोहर्रम के दिन को संप्रदायिक टकराव पैदा न हो.

पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आदेश जारी कर मोहर्रम के दिन मूर्ति विसर्जन पर रोक लगा दी थी. जिस पर काफी बवाल भी हुआ था. बाद में हाई कोर्ट ने ममता सरकार के इस आदेश को रद्द कर दिया था. इस मामले में बीजेपी ने काफी हो हल्ला मचाया था. उनका आरोप था की ममता सरकार मुस्लिमो वोटो का तुष्टिकरण करने के लिए इस तरह के आदेश जारी कर है. लेकिन अब बीजेपी शासित बिहार में भी इसी तरह का आदेश जारी किया गया है.

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पटना के जिलाधिकारी ने जिले की सभी दुर्गा पूजा समितियों को निर्देश दिया है की वो दशहरे के दिन ही मूर्ति विसर्जन कर ले. मोहर्रम के दिन मूर्तिया विसर्जित नही होगी. जिलाधिकारी के इस आदेश का बिहार के उप मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सुशील मोदी ने स्वागत किया है. उनका कहना है की कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए डीएम ने यह निर्देश जारी किया है. मैं हिन्दू और मुस्लिम भाइयो से अपील करता हूँ की वो साम्प्रदायिक सद्भाव के साथ त्यौहार मनाये.

डीएम के इसी आदेश ने अब बिहार में दो बड़े बीजेपी नेताओ को आमने सामने कर दिया है. चाहे सुशील मोदी डीएम के आदेश को कितना भी सही बताये लेकिन बीजेपी नेता और केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह इससे सहमत नही है. उन्होंने डीएम के आदेश पर नाराजगी जताते हुए कहा की क्या अब बिहार का हिन्दू दशमी मनाने पाकिस्तान या बांग्लादेश जाएगा? प्रशासनिक कदमों के नाम पर हिंदुओं पर धार्मिक अनुष्ठान बदलने के लिए दबाव नहीं बनाया जा सकता है.

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