Friday, July 30, 2021

 

 

 

सर्जिकल स्ट्राइक कमांडर ने प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर कहा – शहीद के लिए ऐसे बयानों से होता है दुख

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मुंबई 26/11 आतंकी हमले में शहीद हेमंत करकरे पर मालेगांव ब्लास्ट की आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की टिप्पणी पर लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डीएस हुड्डा ने रविवार (21 अप्रैल 2018) को प्रतिक्रिया व्यक्ति करते हुए कहा कि हां ऐसे बयान से दुख होता है जब किसी शहीद के बारे में ऐसी बातें कही जाती हैं। उन्होने कहा, कोई भी शहीद हो, पुलिस से हो या सेना से, उसे सम्मान मिलना चाहिए। ये बयान सही नहीं हैं।

बता दें कि भोपाल से बीजेपी कैंडिडेट साध्वी प्रज्ञा ने मुंबई हमले के शहीद हेमंत करकरे के बारे में कहा था कि मैंने करकरे को सर्वनाश होने का शाप दिया था और इसके सवा माह बाद आतंकवादियों ने उन्हें मार दिया। उन्होने कहा था, ‘हेमंत करकरे मुझे यातनाएं देते थे। मुझसे कुछ भी पूछते थे। मैंने कहा कि तेरे सर्वनाश होगा और ठीक सवा महीने बाद आतंकियों ने मार दिया।  जिस दिन मैं गई थी उस दिन सूतक लग गया था।’

प्रज्ञा 29 सितंबर, 2008 को मालेगांव में हुए सीरियल बम ब्लास्ट मामले में आरोपी हैं और तकरीबन 9 साल जेल में रही हैं। इस मामले में वह इन दिनों जमानत पर चल रही हैं। प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए कानून) के तहत मामला कोर्ट में विचाराधीन है। हेमंत करकरे महाराष्ट्र एटीएस के प्रमुख थे और साल 2008 में मुंबई पर हुए हमलों के दौरान उनकी मौत हो गई थी। बहादुरी के लिए साल 2009 में उन्हें अशोक चक्र दिया गया था।

इसके अलावा उन्होंने कहा, ‘जहां तक सर्जिकल स्ट्राइक पर राजनीति और सवाल उठाए जाने की बात है, मुझे लगता है कि जब वरिष्ठ सैन्य अधिकारी आते हैं और कहते हैं कि आपको पता है कि यह ऑपरेशन किया गया है, तो मुझे लगता है कि इसके बाद बात वहीं खत्म हो जानी चाहिए। दुर्भाग्य से, इस पर पूरी बहस खींचती रहती है और यही वजह है कि सेना राजनीतिक बहस में फंस जाती है। मुझे लगता है कि यह सही नहीं है।’

गौरतलब है कि हुड्डा ने सितंबर 2016 में नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों के खिलाफ भारत के सैन्य अभियान की निगरानी की थी।

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