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नई दिल्ली | नोट बंदी के बाद देश में कैश की भारी किल्लत है. नोट बंदी हुए अब दो महीने होने वाले है लेकिन लोगो को तकलीफे कम होने का नाम नही ले रही है. कैश की किल्लत को देखते हुए मोदी सरकार ने लोगो से डिजिटल पेमेंट करने का आग्रह किया था. डिजिटल पेमेंट की और लोगो को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने कुछ राहत देने का भी एलान किया था.

सरकार ने कार्ड से पेमेंट करने पर लगने वाले सभी चार्जेज खत्म कर दिए थे. इसके अलावा एटीएम से एक तय सीमा के बाद लगने वाले शुल्क को भी खत्म कर दिया गया था. लेकिन ये सारी सुविधा केवल 31 दिसम्बर तक ही दी गयी थी. अब चूँकि यह तारीख गुजर चुकी है तो वो सारे चार्जेज जो एटीएम और कार्ड पेमेंट पर लगते थे, पुनः लगने शुरू हो गये है.

अब अगर आप डेबिट कार्ड से 1000 रूपए पे कर रहे है तो आपको 0.5 फीसदी सरचार्ज देना होगा. अगर आप क्रेडिट कार्ड से 1000 रूपए पे कर रहे है तो आपको 25 रूपए सरचार्ज देना होगा. इसके अलावा किसी दुसरे बैंक के एटीएम से पांच से अधिक ट्रांजेक्सन करने पर बैंक 15 से 20 रूपए प्रति ट्रांजेक्सन चार्ज वसूलेगा. ये चार्जेज नोट बंदी से पहले भी लगते तो जो 50 दिन के लिए हटा लिए गए थे.

लेकिन समस्या यह है की अभी भी देश में कैश की किल्लत है. अभी भी आधे से ज्यादा एटीएम काम नही कर रहे है. ऐसे में सरकार को इन दोनों चार्जेज को कुछ और दिनों के लिए हटा लेना चाहिए. एक तरफ कैश की किल्लत और दूसरी तरफ सरचार्ज की मुसीबत. किसी भी योजना का असर हर बार केवल आम आदमी पर ही क्यों पड़ता है. अगर देश में कैश की किल्लत है और सरकार लोगो तक कैश नही पहुंचा पा रही है तो इसका खामियाजा एक आम इंसान क्यों भुगते? सरकार को इस बार में सोचना चाहिए.


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