नई दिल्ली | गोवा में पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर परिकर का मुख्यमंत्री बनना तय हो गया है. वो आज शाम को शपथ मुख्यमंत्री की शपथ लेंगे. इससे पहले कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मनोहर परिकर के शपथ लेने पर रोक लगाने से इंकार कर दिया. हालाँकि कोर्ट ने परिकर सरकार को गुरुवार को बहुमत साबित करने का आदेश दिया है.

गौरतलब है की गोवा में खंडित जनादेश के बीच कांग्रेस सबसे बड़े दल के रूप में उभरी लेकिन बीजेपी ने छोटे दलों का समर्थन जुटा राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया. राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने बीजेपी के दावे को मंजूरी देते हुए मंगलवार को बीजेपी विधायक दल के नेता मनोहर परिकर को शपथ देने का फैसला किया. राज्यपाल के इस रुख से खफा कांग्रेस ने शपथ रुकवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया.

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सोमवार को चीफ जस्टिस जेएस खेहर के घर पर दाखिल याचिका में कांग्रेस ने कहा की प्रदेश में सबसे बड़े दल को सरकार बनाने का मौका न देकर राज्यपाल ने विधायको की खरीद फरोख्त को बढ़ावा दिया है. इसलिए मनोहर परिकर के शपथ ग्रहण पर रोक लगनी चाहिए और कांग्रेस को सरकार गठन का मौका देना चाहिए. कांग्रेस ने कोर्ट के सामने पर्याप्त संख्या बल होने का भी दावा किया.

कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की विशेष पीठ ने कांग्रेस को ही फटकार लगाते हुए कहा की अगर आपके पास पर्याप्त संख्या बल है तो आप अभी तक राज्यपाल के पास क्यों नही गए. अगर आप राज्यपाल के पास जाते और फिर सुप्रीम कोर्ट आते तो हमें भी फैसला लेने में आसानी होती. इस पर कांग्रेस के वकील अभिषेक मनु संघवी ने कहा की हम गोवा में सबसे बड़े दल है. इसलिए राज्यपाल को सबसे पहले हमसे चर्चा करनी चाहिए थी.

फ़िलहाल सुप्रीम कोर्ट ने मनोहर परिकर की शपथ पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है हालाँकि कोर्ट ने परिकर को दो दिन के अन्दर बहुमत साबित करने के लिए कहा है. उधर खबर है की कांग्रेस के सभी विधायक सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद राज्यपाल से मिलने पहुंचे है. अभी यह साफ नही है की मनोहर परिकर को शपथ कब दिलवाई जायेगी या राज्यपाल कांग्रेस को सरकार बनाने का मौका देगी?

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