आडवाणी-उमा और जोशी की बड़ी मुश्किलें, बाबरी मस्जिद केस में सुप्रीम कोर्ट ने….

6:59 pm Published by:-Hindi News

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि लखनऊ की विशेष अदालत को बाबरी मस्जिद को शहीद करने के मामले में 6 महीने में सुनवाई पूरी कर 9 महीने के भीतर अपना फैसला सुनाने का आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट ने केस की सुनवाई कर रहे जज एसके यादव का कार्यकाल 9 महीने और बढ़ाने का आदेश दिया।

इससे पहले सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा था कि यह बेहद जरूरी है कि सीबीआई जज एसके यादव मामले की सुनवाई पूरी करके फैसला सुनाएं। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से विशेष जज के कार्यकाल को बढ़ाने के तरीकों के बारे में 19 जुलाई तक जानकारी देने को कहा था।

इस पर सरकार ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में किसी जज का कार्यकाल बढ़ाने का कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए कोर्ट अपने अनुच्छेद 142 के तहत अधिकार के तहत ये कर सकता है।

इससे सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल की सुनवाई कर रहे CBI जज एसके यादव से पूछा था कि वो किस तरीके से ट्रायल को तय वक्त में पूरा करेंगे। कोर्ट ने सील कवर लिफाफे में जानकारी देने को कहा था। 19 अप्रैल 2017 को दो साल में ट्रायल पूरा करने के आदेश दिए गए थे। कोर्ट ने जज की अर्जी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को नोटिस जारी किया था।

बता दें, लखनऊ की सीबीआई अदालत में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत 12 आरोपियों पर आपराधिक साजिश के तहत मुकदमा चल रहा है।

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