लखनऊ सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले की सुनवाई चार हफ़्तों के लिए टाल दी. इससे पहले इस मामले के कई पक्षों ने कोर्ट से अपना पक्ष रखने के लिए वक्त मांगा था.

जस्टिस एमवाई इकबाल और जस्टिस अरुण मिश्रा की खंडपीठ याचिका में इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले पर अंतिम सुनवाई करनी थी जिसमें सभी आरोपियों को आपराधिक साजिश रचने के आरोपों से बरी कर दिया गया था. गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, केंद्रीय मंत्री उमा भारती, राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह, मुरली मनोहर जोशी सहित 17 आरोपियों को आपराधिक साजिश के आरोप से बरी किया था.

आपको बता दें कि पिछले सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सभी आरोपि‍यों को नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब तलब किया था. बाबरी मस्जिद मामले पक्षकार हाजी महबूब अहमद ने अपनी याचिका में सीबीआई पर ये आरोप लगाया है कि केंद्र में सरकार बदलते ही जांच एजेंसी ने आरोपियों के खिलाफ लगे आरोपों को कमजोर कर दिया.

इससे पहले सीबीआई ने इलाहबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी जिसमें आरोपियीं पर से आपराधिक साजिश के आरोप को हटा दिया गया था. साभार: न्यूज़ 18

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