सुप्रीम कोर्ट में आज को अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में 2 बजे अहम सुनवाई होगी. इस पूरे मामले की सुनवाई जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की बेंच करेगी.

सुन्नी वक्फ बोर्ड की मांग पर 9 हजार से ज्यादा पन्नों के हिन्दी, पाली, उर्दू, अरबी, फारसी, संस्कृत आदि सात भाषाओं के अदालती दस्तावेजों का अंग्रेजी में अनुवाद पूरा हो चुका है. कोर्ट के आदेश पर अनुवाद का यह काम उत्तर प्रदेश सरकार ने किया है.

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने हिन्दू पक्ष से कहा कि वो गीता, रामचरितमानस, पुराण, उपनिषद जैसे ग्रंथों के जिन हिस्सों को कोर्ट में रखना चाहता है, उनका अंग्रेज़ी अनुवाद मुस्लिम पक्ष को दे. दोनों पक्षों के वकीलों ने एबीपी न्यूज़ को बताया है कि दस्तावेजों के अनुवाद और लेन-देन का काम पूरा हो चुका है.

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बता दें कि मामले से जुड़ी धार्मिक भावनाओं को देखते हुए कोर्ट पहले स्पष्ट कर चूका है कि “ये मामला एक ज़मीन विवाद है, हम इसे उसी तरह देखेंगे.” सुप्रीम कोर्ट तीन सदस्यीय विशेष पीठ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 2010 के फैसले के खिलाफ दायर 13 अपीलों पर सुनवाई कर रही है.

फरवरी में पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कोर्ट इस मामले की सुनवाई पूरी तरह से भूमि विवाद के रूप में करेगी और रोज़-रोज़ सुनवाई करने से मना कर दिया था. कोर्ट ने कहा था कि लगभग 700 गरीब लोगों के मामले न्याय के लिए लंबित पड़े हैं, हमें उनकी सुनवाई करनी है.


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