सैनिकों पर लग रहे रेप के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, जांच के लिए एसआईटी के गठन का दिया आदेश

10:56 am Published by:-Hindi News

मणिपुर में हुए बलात्कार के तीन मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अब सख्त रवैया अपनाते हुए मामलों की जांच के लिए  स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के गठन का आदेश दिया हैं.

जस्टिस मदन बी लोकुर और उदय यू ललित की बेंच ने केंद्र सरकार से सीबीआई के डीआईजी स्तर के पांच अधिकारियों या एडीजी रैंक के पुलिस अधिकारियों के पांच नाम देने को कहा हैं. जो इस एसआईटी के गठन के लिए शमिल किये जा सके. जिन तीन बलात्कार मामलों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया जा रहा हैं. उनका आरोप भारतीय सेना और अर्ध-सैनिक बल असम राइफल्स के जवानों पर हैं.

इन ममलों में से एक नाबालिग लड़की से भी बलात्कार का आरोप हैं. यह मामला 4 अक्टूबर 2003 का हैं. जिसमे कथित तौर पर 13 वर्षीय बच्ची का दो जवानों ने बलात्करा किया था. जिसके बाद उसने आत्महत्या कर ली थी. वहीँ अन्य दो मामले मणिपुरी लड़कियों टी मनोरमा और एलडी रेंगतुईवान की साल 2004 में की गई कथित प्रताड़ना और हिरासत में मौत से जुड़े हैं.

सर्वोच्च अदालत ने इस मामले को लेकर मणिपुर सरकार को फटकार लगाते हुए सवाल किया कि “क्या आपमें और उनमें में कोई अघोषित समझौता है कि आप उनके इलाके में जांच नहीं करेंगे.” अदालत ने कहा, “यहां एक 13 साल की लड़की जो रबर फार्म में काम करती थी. ऐसा कोई आरोप नहीं है कि वो घुसपैठिया थी. दो लोग आते हैं और उसका रेप करते हैं. वो अपनी माँ और बहन से आपबीती बताती है और फिर आत्महत्या कर लेती है. क्या आपने ये तय कर लिया है कि सेना को आने दो और किसी का भी रेप करने दो, हम क्या करें? ”

सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल एजी मुकुल रोहतगी से कहा, “सेना में रेप के आरोपी हो सकते हैं…..क्या सेना में ऐसे लोग हैं जो रेप करते हैं? ये सेना की वर्दी में किया गया कथित बलात्कार है- ये एक गंभीर अपराध है.” अदालत ने कहा कि सेना की कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी की रिपोर्ट से ज्यादातर सवालों के जवाब नहीं मिलते और इसमें ये नहीं बताया गया है कि पीड़िता की माँ और बहन का बयान क्यों नहीं लिया गया जबकि मृत्यु से पहले पीड़िता ने उनके सामने बयान दिया था.

अदालत ने कहा, “हम तय कर चुके हैं कि इस मामले की जांच की जरूरत है. टाइम-लाइन कोई मुद्दा नहीं है….बांग्लादेश अभी भी 1971 के युद्ध अपराधियों पर मुकदमा और कार्रवाई कर रहा है. ये सभी मामले करीब 15 साल पुराने हैं और उनकी जांच की जाएगी.”

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