दुनिया के सात अजूबों में शामिल आगरा के ताजमहल के संरक्षण और मरम्मत को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर केंद्र की मोदी और यूपी की योगी सरकार को कड़ी फटकार लगाई है।

कोर्ट ने सवाल किया कि ताजमहल के संरक्षण और ट्रेपेज़ियम जोन के पुनर्विकास के लिये दोनों (केंद्र और राज्य) में से कौन जिम्मेदार है। जस्टिस मदन बी लोकुर ने कहा, ‘इस काम के लिये एक प्राधिकरण होना चाहिये, जो इसकी जिम्मेदारी ले.’

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से ताजमहल के संरक्षण को लेकर पेश किए गए विज़न डॉक्यूमेंट पर नाराजगी जाहिर करते हुये उन्होंने कहा, ‘हालत यह है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के सहयोग के बिना ही विज़न डॉक्यूमेंट तैयार कर लिया गया है।’

इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल के संरक्षण को लेकर केंद्र सरकार को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था कि या तो हम ताजमहल को बंद कर देंगे या फिर आप इसे ढहा दें।

वहीं यूपी सरकार की ओर से एजी केके वेणुगोपाल ने कोर्ट में कहा कि एएसआई ताज ट्रेपेजियम जोन में उद्योग को स्थानांतरित करने के लिए जिम्मेदार नहीं है। यूनेस्को दार्जिलिंग रेलवे स्टेशन को अपनी हेरिटेज जोन की लिस्ट से हटाने की तैयारी कर रही है, ऐसे में अगर ताजमहल को अगर इस लिस्ट से हटा दिया गया तो यह काफी शर्मिंदगी भरा होगा।