दिल्ली और गुजरात में बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि वो कोरोना संक्रमण को रोकने की दिशा में उठाए गए अब तक के कदमों का विस्तृत ब्योरा दे। वहीं गुजरात सरकार से भी कहा है कि राज्य में कोविड नियंत्रण से बाहर हो रहा है लेकिन सरकार क्या कर रही है?

सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र और सभी राज्यों को कोरोना वायरस की रोकथाम के लिये उठाए गए कदमों के बारे में दो दिन के भीतर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने कहा, ‘हम जानना चाहते हैं कि आप स्थिति को कैसे संभाल रहे हैं।’ हाई कोर्ट ने 19 नवंबर की सुनवाई में तो यहां तक पूछ डाला कि ‘मरने वालों के परिजनों को क्या जवाब दोगे?’

जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली एक बेंच ने कहा, ‘इस महीने देखा गया है कि कोरोना के मामले तेजी से बढ़े हैं। दिसंबर के महीने में स्थिति और खराब हो सकती है। इससे पहले की स्थिति नियंत्रण से बाहर हो, प्रशासन को कमर कस लेनी चाहिए।’

जस्टिस एम आर शाह ने गुजरात सरकार से कहा, ‘राज्य में स्थिति काबू में नहीं है। हम जानना चाहते हैं कि आखिर गुजरात में हो क्या रहा है। हम जानना चाहते हैं कि कौन सी नीतियां बनाई जा रही हैं? क्या आप बता सकते हैं कि आपके राज्य में क्या हो रहा है? सार्वजनिक समारोहों, शादी औऱ अन्य कार्यक्रमों को लेकर क्या कदम उठाए जा रहे हैं?’

बेंच ने कहा, ‘इस महीने में केस तेजी से बढ़े हैं। हम राज्यों से हालिया स्थिति रिपोर्ट चाहते हैं। दिसंबर में हालात और खराब हो सकते हैं और राज्यों की तैयारी अच्छी नहीं है। दिन में आप शादी समारोह की अनुमति क्यों दे रहे हैं? दिल्ली और महाराष्ट्र के बाद गुजरात के हालात भी खऱाब हैं। आप जवाब दीजिए कि सरकार क्या कदम उठा रही है।’

बेंच ने दिल्ली सरकार से भी जवाब मांगा है। जज ने कहा, ‘हम जानना चाहते हैं कि स्थिति को कैसे मैनेज किया जा रहा है? अस्पतालों में कैसे इलाज हो रहा है औऱ क्या पर्याप्ट बेड हैं?’

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