केंद्र सरकार को SC की दो टूक – रोहिंग्या मुसलमानों की अनदेखी नहीं की जा सकती

4:12 pm Published by:-Hindi News

नई दिल्ली – रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर जहाँ एक तरफ केंद्र सरकार सख्त नज़र आ रही है वहीँ सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार को यह कहते हुए सकते में डाल दिया है की ‘अगली सुनवाई तक रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस नहीं भेजा जा सकता।, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा की हमारा संविधान मानवता के मूल्यों के आधार पर बनाया गया है रक्षा भी ज़रूरी है लेकिन पीड़ितों की अनदेखी नहीं की जा सकती।

जस्टिस ए.के. सीकरी ने कहा की “हम यह सुनकर बेहद दुखी हैं कि कुछ लोग हमारे आदेश को सांप्रदायिक रंग दे रहे हैं। कोई भी जो मुझे जानता है उसे पता है कि इन मामलों में मैं बहुत धार्मिक व्यक्ति हूं”

सुप्रीम कोर्ट के इस बयान को मोदी सरकार के लिए ‘चिंता का विषय’ कहा जा रहा है क्योंकी रोहिंग्या शरणार्थियों को लेकर बयानबाज़ी का एक लम्बा दौर चल चूका है जिसमे रोहिंग्या मुसलमानों को देश की रक्षा के लिए खतरा बताया जा रहा था. कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया कि वह अगली सुनवाई तक इन्हें वापस भेजने का फैसला न ले। रोहिंग्या शरणार्थियों ने केंद्र सरकार के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें उन्हें भारत से वापस भेजने को कहा गया है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा सहित तीन जजों की बेंच रोहिंग्या शरणार्थियों की याचिका पर सुनवाई कर रही है। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है कि यह मामला कार्यपालिका का है और सर्वोच्च न्यायालय इसमें हस्तक्षेप न करे।

गौरतलब है की केंद्र सरकार द्वारा हलफनामे में कहा गया था की रोहिंग्या शरणार्थी देश की सुरक्षा के लिए खतरा है और इन्हे भारत में नहीं रहने दिया जाना चाहिए। सरकार ने कहा है कि उसे खुफिया जानकारी मिली है कि कुछ रोहिंग्या आतंकी संगठनों के प्रभाव में हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में दलीलें भावनात्मक पहलुओं पर नहीं, बल्कि कानूनी बिंदुओं पर आधारित होनी चाहिए।

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