नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ने में असफल रहे बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेजबहादुर यादव की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस जवान का नामांकन पत्र निर्वाचन अधिकारी ने पिछले साल 1 मई को अस्वीकार कर दिया था।

सुनवाई के दौरान तेज बहादुर यादव के वकील ने मामले की सुनवाई स्थगित करने की मांग की लेकिन कोर्ट ने कहा कि हम पहले ही इस मामले की सुनवाई तीन बार स्थगित कर चुके हैं। यह मामला काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रतिवादी प्रधानमंत्री हैं।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस निर्णय के खिलाफ तेज बहादुर की याचिका खारिज कर दी थी। बर्खास्त जवान ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के इस फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। याचिका में कहा गया है कि हाई कोर्ट ने अपने फैसले में गलती की है।

हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से तय फैसलों को ध्यान में नहीं रखा, जिसमें कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति की उम्मीदवारी निर्वाचन अधिकारी की ओर से अस्वीकार करने के बाद उसे उस अस्वीकृति आदेश के आधार पर चुनाव याचिका दायर करने का अधिकार है।

याचिका में कहा गया है कि 25 वर्ष की आयु पूरी करने के अलावा किसी भी मामले में दोषी या दंडित न होने की शर्तें पूरी करने के बाद याचिकाकर्ता को समाजवादी पार्टी ने 2019 के आम चुनाव में वाराणसी से टिकट दिया था लेकिन निर्वाचन अधिकारी ने उनका निर्वाचन रद्द कर दिया था।

तेज बहादुर यादव ने 24 अप्रैल, 2019 को निर्दलीय और 29 अप्रैल, 2019 को समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया था लेकिन निर्वाचन आयोग ने उनके नामांकन पत्र के सेट में खामियां बताते हुए उनका पर्चा खारिज कर दिया था।

Loading...
विज्ञापन
अपने 2-3 वर्ष के शिशु के लिए अल्फाबेट, नंबर एंड्राइड गेम इनस्टॉल करें Kids Piano