Wednesday, December 8, 2021

सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया मामले में तीनों दोषियों की फांसी की सजा को रखा बरकरार

- Advertisement -

सुप्रीम कोर्ट ने ‘निर्भया’ सामूहिक बलात्कार एवं हत्या मामलेमें चार दोषियों में से तीन की पुनर्विचार याचिका आज खारिज करते हुए तीनों दोषियों की फांसी की सजा को बरकरार रखा है। यानि उनकी फांसी की सजा को उम्र कैद में नहीं बदला जाएगा।

4 मई 2012 को हुए निर्भया गैंगरेप मामले में (Nirbhaya Rape Case) में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस आर भानुमति और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ ने मुकेश (29), पवन गुप्ता (22) और विनय शर्मा की याचिकाओं पर ये फैसला सुनाया है। वहीं दोषी अक्षय ने पुनर्विचार याचिका अभी दायर नहीं की है। क्षय का कहना है कि उसे जो भी सजा मिले वह उसे क़बूल है।

बचाव पक्ष के वकीलों ने दलील दी कि दोषियों की पृष्ठभूमि और सामाजिक व आर्थिक हालात को देखते हुए उनकी सजा कम की जाए और कहा कि 115 देशों ने मौत की सजा को खत्म कर दिया है। सभ्य समाज में इसका कोई स्थान नहीं। सजा-ए-मौत सिर्फ अपराधी को खत्म करती है, अपराध को नहीं। मौत की सजा जीने के अधिकार को छीन लेती है। यह मामला दुर्लभतम से दुर्लभ अपराध की श्रेणी में नहीं आता।

निर्भया की मां आशा देवी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कहा कि वे नाबालिग नहीं हैं। यह दुख की बात है कि उन्होंने इस तरह के अपराध को अंजाम दिया. यह फैसला कोर्ट के प्रति विश्वास बहाल करता है। हमें न्याय जरूर मिलेगा। निर्भया के पिता बद्रीनाथ ने कहा कि हमें पहले ही पता था कि पुनर्विचार याचिका खारिज होगी। मगर अब क्या? बहुत सारा वक्त बीत चुका है और इस दौरान महिलाओं के प्रति खतरा पहले से ज्यादा बढ़ गया है। मुझे उम्मीद है कि दोषी जल्द ही फांसी पर लटकेंगे।

बता दें कि आरोपियों में से एक राम सिंह ने तिहाड़ जेल में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। आरोपियों में एक किशोर भी शामिल था। उसे किशोर न्याय बोर्ड ने दोषी ठहराया। उसे तीन साल सुधार गृह में रखे जाने के बाद रिहा कर दिया गया।

- Advertisement -

[wptelegram-join-channel]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles