Friday, July 30, 2021

 

 

 

विपक्षी दलों को बड़ा झटका – SC ने 50 फीसदी पर्चियों के मिलान की याचिका की खारिज

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ईवीएम में कथित धांधली का आरोप लगाने वाली विपक्षी पार्टियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। टीडीपी नेता चन्द्रबाबू नायडू और कांग्रेस सहित 21 विपक्षी पार्टियों की पुनर्विचार याचिका पर विचार करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है।

बता दें कि 21 विपक्षी पार्टियों ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की थी कि मौजूदा लोकसभा चुनावों में ईवीएम में वीवीपैट वैरिफिकेशन को 5 मशीनों से बढ़ाकर 50% मशीनों तक किया जाए। मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि हम दखल देने को तैयार नहीं हैं और हम आपको सुनने के लिए बाध्य नहीं हैं। साथ ही कोर्ट ने कहा कि हम फैसले में संशोधन करने को तैयार नहीं हैं।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा है कि जब चुनाव आयोग ने उनकी बात नहीं सुनी थी तो वह यहां आए, लेकिन अब वह फिर चुनाव आयोग जाएंगे। उन्होंने कहा कि तीसरा फ्रंट और चौथा फ्रंट सभी विपक्ष का ही हिस्सा है, हम पीएम उम्मीदवार का नाम चुनाव के बाद तय करेंगे।

वहीं, याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पीठ को बताया कि शीर्ष अदालत ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में वीवीपैट र्पिचयों के ईवीएम के साथ औचक मिलान को बढ़ा कर पांच मतदान केंद्र तक कर दिया था लेकिन अब वे मांग कर रहे हैं कि इसे कम से कम 25 प्रतिशत तक बढ़ाया जाए। सिंघवी ने पीठ से कहा, ‘‘ यह भरोसा बनाने के कदमों की संतुष्टि के लिए होगा।’’

पहले भी आदेश दे चुका है सुप्रीम कोर्ट

पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम पांच बूथ के ईवीएम (EVM) और वीवीपैट की पर्चियों के औचक मिलान करने को कहा था। आयोग ने इसे मान भी लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस लोकसभा चुनाव में ईवीएम और वीवीपैट के मिलान को पांच गुना बढ़ाया। कोर्ट ने कहा कि प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र मे 5 वीवीपैट का ईवीएम से मिलान किया जाएगा। अभी सिर्फ एक का वीवीपैट मिलान होता है।

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