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ज्ञानवापी मस्जिद की तरफ से विश्वनाथ कॉरिडोर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ ज्ञानवापी मस्जिद को नुकसान होने की आशंका के चलते कॉरिडोर के काम को रुकवाना उचित नहीं है।

न्‍यायमूर्ति अरुण मिश्र और विनीत सरन की बेंच में केंद्र और यूपी सरकार के वकीलों के साथ काशी विश्‍वनाथ मंदिर के सीईओ विशाल सिंह ने खुद पक्ष रखते हुए स्थित स्‍पष्‍ट की। उन्होंने बताया कि मस्जिद की सुरक्षा के लिए पहले से ही तमाम इंतजाम किए गए हैं। मस्जिद के चारों तरफ 25 फीट ऊंचाई में लोहे की पाइप से घेरेबंदी करने के साथ सुरक्षा में पुलिस और केंद्रीय बलों के करीब पांच हजार जवान तैनात हैं और विश्वनाथ कॉरिडोर का काम पूरी तरह से भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।

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इस पर सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि महज आशंका के आधार पर विश्‍वनाथ मंदिर के विस्‍तारीकरण पर रोक नहीं लगाई जा सकती कोर्ट ने कहा कि किसी भी समुदाय का मामला हो, श्रद्धालुओं को मूल सुविधाएं मिलनी चाहिए।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में कॉरिडोर के खिलाफ याचिका काशी विश्‍वनाथ मंदिर से सटे ज्ञानवापी हाते के बतौर मालिक जितेंद्र नाथ व्‍यास और ज्ञानवापी मस्जिद की देखरेख करने वाली कमेटी अंजुमन इंतजामिया मस्जिद की ओर से दाखिल की गई थी।

याचिका में कहा गया था कि मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद के आसपास के भवनों को तोड़े जाने और नए रास्‍ते खोले जाने से से मस्जिद की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्‍पन्‍न हो गया है।

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