अयोध्या में बाबरी मस्जिद की जमीन के मालिकाना हक़ से जुड़े केस में सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी सांसद और वकील सुब्रमण्यम स्‍वामी को बड़ा झटका देते हुए उनकी याचिका को खारिज कर दिया है.

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने आज तीसरे पक्षों की सभी हस्तक्षेप याचिकाएं खारिज कर दीं. जिसमें सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका भी शामिल थी. कोर्ट अब सिर्फ ऑरिजिनल पिटिशनर्स को ही सुनेगा.

बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने याचिका दाखिल कर बाबरी मस्जिद-राम मंदिर संपत्ति विवाद में दखल की देने की कोशिश की थी. सुप्रीम कोर्ट ने स्वामी की याचिका समेत कुल 32 याचिकाओं को खारिज कर दिया जिनमें अपर्णा सेन, श्याम बेनेगल और तीस्ता सीतलवाड़ की याचिकाएं भी शामिल हैं.

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मामले की सुनवाई के दौरान स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि उनके मूल अधिकार उनके संपत्ति से जुड़े अधिकारों से बड़े हैं. हालांकि सुप्रीम कोर्ट स्वामी की उस अन्य याचिका पर फिर सुनवाई के तैयार हो गया जिसमें बीजेपी नेता ने अयोध्या के राम मंदिर में पूजा करने को अपना मूल अधिकार बताते हुए, इस अधिकार को लागू कराने की मांग की है.

बता दें कि अयोध्या मामले में तीन पक्षकार सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड, राम लला विराजमान और निर्मोही अखाड़ा है. इन तीन मुख्य पक्षकारों के अलावा एक दर्जन अन्य पक्षकार भी हैं.

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