Sunday, June 13, 2021

 

 

 

ख्वाजा साहब के अपमान के मामले में SC का अमीश देवगन के ख़िलाफ़ FIR रद्द करने से इंकार

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सूफी संत मोइनुद्दीन चिश्ती के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को टीवी समाचार एंकर अमीश देवगन के खिलाफ दर्ज एफ़आईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया है। साथ ही अलग-अलग राज्यों में दर्ज कराई गई एफ़आईआर को राजस्थान के अजमेर ट्रांसफ़र करने का निर्देश दिया।

अमीश देवगन के खिलाफ इस समय राजस्थान, महाराष्ट्र और तेलंगाना सहित कई राज्यों में प्राथमिकी दर्ज हैं। ये प्राथमिकियां 15 जून को देवगन के समाचार कार्यक्रम ‘आर पार’ में सूफी संत के लिए कथित तौर पर अपमानजनक शब्द के इस्तेमाल के मामले में दर्ज कराई गई थीं।

जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने सभी एफ़आईआर को मिलाते हुए कहा है कि अमीश देवगन जाँच में यदि सहयोग करते हैं तो उनके ख़िलाफ़ कोई कड़ी कार्रवाई ना की जाए।

अमीश देवगन ने अपने मथुरा-काशी से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान अमीश देवगन ने हजरत ख्वाजा मोइनउद्दीन चिश्ती उर्फ गरीब नवाज को चिश्ती लुटेरा कहा था। धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर उन्होने कहा था कि चिश्ती लुटेरा आया और उसके बाद लोगों ने धर्म बदला।इस दौरान उन्होने इस वाक्य को कई बार दोहराया।

हालांकि विवाद बढ़ने पर अमीश देवगन ने अपने बयान पर सफाई में कहा कि “मेरी 1 डिबेट में, मैंने अनजाने में चिश्ती के रूप में ‘खिलजी’ का उल्लेख किया। मैं ईमानदारी से इस गंभीर त्रुटि के लिए माफी मांगता हूं और यह सूफी संत मोइनुद्दीन चिश्ती के अनुयायियों के लिए दुख की बात हो सकती है, जिन्हें मैं सम्मान देता हूं। मैंने उनकी दरगाह पर पहले से आशीर्वाद मांगा है। मुझे इस त्रुटि पर खेद है।’

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