Friday, September 17, 2021

 

 

 

CJI ने ठुकराई CAA पर स्टे की मांग, 22 जनवरी को अगली सुनवाई

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नागरिकता संशोधन क़ानून पर दायर 59 याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून पर फ़िलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में अब इस मामले की सुनवाई 22 जनवरी को होगी।

याचिकाकर्ताओं में कांग्रेस के नेता जयराम रमेश, एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी, तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा, राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा के अलावा जमीयत उलेमा-ए-हिंद, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग शामिल हैं।

प्रधान न्यायाधीश एस.ए. बोबड़े, न्यायमूर्ति बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने इस निवेदन पर गौर किया कि संशोधित नागरिकता कानून के बारे में नागरिकों के बीच भ्रम की स्थिति है। पीठ ने केंद्र की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल से कहा कि जनता को ऑडियो-विजुअल माध्यम से कानून के बारे में जागरूक करने के बारे में विचार करें।

हालांकि, चीफ जस्टिस ने CAA पर स्टे लगाने की मांग को ठुकरा दिया है. चीफ जस्टिस एस. ए. बोबड़े ने कहा है कि हम इसपर स्टे नहीं लगा रहे हैं। वकील ने इस दौरान कहा कि असम जल रहा है, अभी इस एक्ट पर स्टे की जरूरत है। हालांकि, चीफ जस्टिस ने इस सुनवाई को तुरंत करने से इनकार कर दिया।

सरकार का पक्ष रखते हुए डॉक्टर राजीव धवन ने कहा कि क़ानून पर रोक लगाने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि क़ानून अभी अमल में नहीं आया है। वहीं अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि ऐसे चार फ़ैसले हैं जिनके मुताबिक इस क़ानून पर रोक नहीं लगाई जा सकती है।

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