Friday, August 6, 2021

 

 

 

जामिया हिं’सा पर सुप्रीम कोर्ट का न्यायिक जांच से इनकार, कहा- हाईकोर्ट जाएं

- Advertisement -
- Advertisement -

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने जामिया और AMU हिंसा मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने मामले में दखल देने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान सीजेआई एस. ए. बोबडे की अगुआई वाली बेंच ने याचिकाकर्ताओं से पूछा कि सीधे सुप्रीम कोर्ट क्यों आए, हाई कोर्ट क्यों नहीं गए।

जस्टिस बोबडे ने कहा कि हम इस मामले में पक्षपाती नहीं हैं। लेकिन जब कोई कानून तोड़ता है तो पुलिस क्या करेगी? हम पुलिस को केस दर्ज करने से कैसे रोक सकते हैं? नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन में जिन स्टूडेंट्स को चोटें आईं हैं उन्हें हाईकोर्ट जाना चाहिए।

चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने कहा- संबंधित हाईकोर्ट याचिकाकर्ताओं, केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों का पक्ष सुनने के बाद तय करेगा कि इस मामले में रिटायर्ड जजों के नेतृत्व में जांच समिति गठित की जाए या नहीं?

इस दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार का पक्ष रखते हुए कोर्ट को बताया कि किसी छात्र को गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि हिंसा के दौरान 31 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। 20 गाड़ियों को आग लगाई गई। पुलिस के बिना इजाजत जामिया कैंपस में घुसने के आरोपों पर मेहता ने दावा किया कि प्रॉक्टर ने पुलिस से गुजारिश की थी।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील निजाम पाशा ने कहा- हिंसा करने वाले छात्र नहीं थे। पुलिस को इसकी जांच करनी चाहिए कि हिंसा किसने की? सोशल मीडिया में ऐसी वीडियो आ रही हैं कि पुलिस ने वाहनों को तोड़ा और उनमें आग लगाई। ये जांच का विषय है। इसके बाद चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कहा- आखिर बस में आग किसने लगाई। बसों में प्रदर्शनकारियों ने आग लगाई है। इसकी तस्वीरें भी कई जगह नजर आ रही हैं।

बता दें कि सीजेआई ने सोमवार को कहा था कि पहले उपद्रव रुकवाया जाए। यह जारी रहेगा तो कोर्ट कुछ नहीं करेगा। अगर कल हिंसा नहीं हुई तो हम इस मुद्दे पर सुनवाई करेंगे। वहीं, दिल्ली पुलिस ने जामिया हिंसा को लेकर दो एफआईआर दर्ज की है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles