नई दिल्ली | उत्तर प्रदेश जल निगम के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री आजम खान को झटका देते हुए उन्हें बुधवार को हाई कोर्ट की लखनऊ ब्रांच में पेश होने का आदेश दिया है. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आजम खान को लेकर कई सख्त टिप्पणी भी की. आजम खान ने हाई कोर्ट में पेश होने के लिए 11 मार्च का समय माँगा था जिसको उच्चतम न्यायलय ने ख़ारिज कर दिया.

दरअसल उत्तर प्रदेश जल निगम के एक मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आजम खान को अदालत में पेश होने का आदेश दिया था. लेकिन आजम खान अदालत में पेश नही हुए. ऐसे में हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिए और 6 मार्च तक अदालत में पेश होने को कहा. हाई कोर्ट के वारंट के खिलाफ आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया लेकिन वहां से भी उनको राहत नही मिली.

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हाई कोर्ट द्वारा जारी वारंट के मामले में दखल देने से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा की आपको अदालत में पेश होना होगा. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट आजम खान से काफी नाराज दिखाई दिया. मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस जेएस खेहर की तीन सदस्यीय पीठ ने आजम खान के वकील से पुछा,’ आखिर जल निगम के चेयरमैन कहा है? क्या वह इलाहाबाद में है या लखनऊ में’?

आजम खान की और से पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा की अदालत जब कहेगी आजम खान तभी पेश हो जायेंगे. कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया की आजम खान चुनावो की व्यस्त के कारण अदालत में पेश नही हो पाए. चुनाव से पहले एक बैठक की वजह से वो अदालत में पेश नही हुए. इस पर जस्टिस खेहर ने सवाल किया की क्या आजम खान के पास अपना हेलीकाप्टर नही है?

सुप्रीम कोर्ट ने कपिल सिब्बल की सारी दलील ख़ारिज करते हुए कहा की हमें लगता है की आपके मुवक्किल अदालत की आँखों में धुल झोंक रहे है. अगर बैठक नही हुई तो वो अदालत में पेश क्यों नही हुए? अदालत पहले ही उन्हें काफी समय दे चुकी है. इसलिए वो बुधवार को हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में पेश हो और अपनी सफाई वहां पेश करे.

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